Shahzadi Khan Hanged: संयुक्त अरब अमीरात में 15 फरवरी 2025 को 33 वर्षीय शहजादी खान को फांसी दे दी गई। भारतीय विदेश मंत्रालय ने दिल्ली हाईकोर्ट में जारी बयान में बताया कि शहजादी को एक बच्चे की हत्या के आरोप में दोषी ठहराया गया था। माता-पिता ने अपनी बेटी को बचाने के लिए केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल सका। क्या था पूरा मामला? आखिरी कॉल और गिरफ्तारी 14 फरवरी को शहजादी ने पिता से आखिरी कॉल की, जिसमें पता चला कि उन्हें आगे की नियत से अनजान रखा गया था। शहजादी अबू धाबी की अल वथबा जेल में बंद थीं और 10 फरवरी 2023 को फांसी की सजा सुनाई गई थी। घटना की शुरुआत दिसंबर 2021 में शहजादी खान वीजा पर अबू धाबी गई थीं। अगस्त 2022 में नैनी की नौकरी मिलने के बाद 7 दिसंबर 2022 को बच्चे को टीका लगवाने के बाद उसी दिन बच्चे की मौत हो गई। माता-पिता ने तुरंत शहजादी को जिम्मेदार ठहराया और पुलिस को सूचना दी। जबरदस्ती कबूलनामा फरवरी 2023 में एक वीडियो रिकॉर्डिंग सामने आई, जिसमें शहजादी ने बच्चे की मौत के लिए खुद को जिम्मेदार माना था। परिवार का आरोप है कि यह कबूलनामा पुलिस की यातना और दबाव के कारण हुआ था। न्यायिक प्रक्रिया 31 जुलाई 2023 को कोर्ट ने शहजादी को मौत की सजा सुनाई। सितंबर 2023 में ऊपरी अदालत में सजा के खिलाफ अपील की गई, पर सजा बरकरार रखी गई। पिता ने 14 फरवरी को दिल्ली हाईकोर्ट में अपनी याचिका दायर की थी, जिससे मामले की जांच और केंद्रीय सरकार से जवाब मांगे गए। एएसजी चेतन शर्मा ने बताया कि अधिकारी हर संभव कोशिश कर रहे हैं। अंतिम संस्कार की तैयारी शहजादी का अंतिम संस्कार 5 मार्च को होने वाला है, जबकि परिवार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मौत की सजा की मांग कर रहा है। शहजादी खान का मामला विवादों और न्यायिक विवादों से भरा हुआ है। माता-पिता की दहला देने वाली गुहार और राजनीतिक दबाव के आरोपों के बीच, यह घटना न केवल परिवार के लिए दुखदाई है, बल्कि भारत और UAE के बीच न्यायिक मामलों पर भी सवाल खड़ा कर रही है।
Shahzadi Khan Hanged: UAE में फांसी की सजा, शहजादी खान केस की पूरी कहानी, जानें क्या था मामला?

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