दिल्ली रैली के लिए स्पेशल ट्रेन की मांग, सिकंदराबाद में तेलंगाना कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन
दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली 'वोट बचाओ महा रैली' के लिए स्पेशल ट्रेनों की मांग को लेकर तेलंगाना कांग्रेस ने प्रदर्शन किया।

नई दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की 'वोट बचाओ महा रैली' को लेकर तेलंगाना में सियासी पारा चढ़ गया है। तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ के नेतृत्व में पार्टी नेताओं, मंत्रियों और विधायकों ने सिकंदराबाद स्थित दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मांग है कि तेलंगाना से दिल्ली के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं ताकि बड़ी संख्या में लोग इस रैली में शामिल हो सकें।
प्रदर्शन के दौरान माहौल तब गरमा गया जब पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। TPCC अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर ट्रेन सेवाओं से इनकार कर रही है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने इस महीने की 22 तारीख को ही ट्रेनों की बुकिंग के लिए आवेदन किया था, लेकिन ऐन मौके पर उन्हें मना कर दिया गया। गौड़ के मुताबिक, यह रैली देश और पार्टी दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने की अनुमति मिलनी चाहिए।
तानाशाही के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा: कांग्रेस
इस विरोध प्रदर्शन में शामिल राज्य कैबिनेट मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने केंद्र सरकार की कार्यशैली की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जब तक ट्रेनों की व्यवस्था नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा। वहीं, कांग्रेस नेता मोथा रोहित ने आरोप लगाया कि भाजपा नहीं चाहती कि लोग दिल्ली पहुंचकर रामलीला मैदान में होने वाले लोकतांत्रिक प्रदर्शन का हिस्सा बनें, इसलिए ट्रेनों की अनुमति नहीं दी जा रही है।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली इस रैली के लिए कानून-व्यवस्था के नजरिए से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया है। हालांकि, यह अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी गई है, जिसमें रैली को शाम 5 बजे तक समाप्त करना और आयोजन स्थल पर रात भर रुकने पर प्रतिबंध शामिल है। इंडिया गठबंधन द्वारा आयोजित इस महा रैली का मुख्य उद्देश्य चुनावी रोल संशोधन, लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति और केंद्र सरकार के शासन के खिलाफ आवाज उठाना है।