बांदा: जिले में लगातार हो रही बारिश का असर अब नदियों पर साफ दिखाई देने लगा है। चन्द्रवाल नदी का जलस्तर बढ़ने से गौरी कलां-आमरा तथा नांदादेव-पड़ोहरा मार्ग पर बने रपटे जलमग्न हो गए हैं। तेज बहाव के कारण इन मार्गों पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इससे आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थिति को देखते हुए तहसील प्रशासन और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। राजस्व, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार नदी के जलस्तर की निगरानी कर रही हैं। रपटों और संवेदनशील स्थानों पर लोगों को रोककर जागरूक किया जा रहा है कि वे किसी भी स्थिति में जलमग्न रपटों को पार करने का प्रयास न करें।

प्रशासन के अनुसार चन्द्रवाल नदी का वर्तमान जलस्तर 96.26 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 104.00 मीटर है। यानी नदी अभी खतरे के स्तर से नीचे बह रही है, लेकिन लगातार बारिश के कारण जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।

ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक रूप से नदी या रपटों के पास न जाएं। विशेष रूप से बच्चों और मवेशियों को नदी किनारे जाने से रोकने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा और जलस्तर में और वृद्धि हुई तो आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था और राहत संबंधी कदम भी उठाए जाएंगे। फिलहाल हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।