अम्बेडकरनगर: किशोरी के अपहरण और दुराचार के मामले में विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट ने दोषी राहुल को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश मोहन कुमार की अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने निर्देश दिया कि जुर्माने की राशि जमा होने पर उसका 75 प्रतिशत हिस्सा पीड़िता को दिया जाए। इसके साथ ही पीड़िता को आर्थिक क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए निर्णय की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने का आदेश दिया गया है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामला अहिरौली थाना क्षेत्र से जुड़ा है। छह जून 2023 को बहती सोनावां निवासी राहुल पुत्र रामलाल किशोरी को अपने साथ ले गया था। बताया गया कि किशोरी अपने साथ सोने की चेन, अंगूठी और एक जोड़ी सोने की झुमकी भी ले गई थी। इस प्रकरण में नूरुद्दीनपुर निवासी सुनीता वर्मा और सचिन पर भी घटना में सहयोग करने का आरोप लगाया गया था। किशोरी की बरामदगी के बाद जांच में उसके साथ दुराचार किए जाने की पुष्टि हुई थी।

आठ गवाहों के बयान बने अहम आधार

मुकदमे की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक सत्य प्रकाश पांडेय ने अभियोजन पक्ष की ओर से किशोरी समेत आठ गवाहों को अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए दोषी को कड़ी सजा देने की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अपने मुवक्किल के पक्ष में दलीलें रखीं।

दोनों पक्षों की बहस सुनने और प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने राहुल को दोषी करार दिया। न्यायालय ने उसे 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही पीड़िता को राहत दिलाने के उद्देश्य से विक्टिम कंपनसेशन स्कीम के तहत आवश्यक कार्रवाई के लिए फैसले की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भेजने का निर्देश दिया। अदालत के इस फैसले से पीड़िता को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आर्थिक सहायता दिलाने का रास्ता भी प्रशस्त हुआ है।