नयी दिल्ली, 17 सितंबर (कड़वा सत्य) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि किसी भी कामकाजी महिला को यह नहीं कहा जा सकता कि वह रात में काम नहीं करे।
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ तथा न्यायमूर्ति जे बी पार्दीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कोलकाता में नौ अगस्त को एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ कथित दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या के मुकदमे में 'स्वत: संज्ञान' सुनवाई के दौरान सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर पश्चिम बंगाल सरकार की एक अधिसूचना के बारे में बताए जाने के बाद यह टिप्पणी की।
महिलाओं को रात में काम करने से मना नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

मेरी रसोई राशन किटों के वितरण का आंकड़ा 33 लाख से पार

लोकसभा में मीत हेयर ने धर्म और जाति के आधार पर राजनीति करने पर केंद्र सरकार को घेरा

40 लाख महिलाएं एक अगस्त को पहली बार सम्मान राशि प्राप्त करने के लिए पंजीकरण करा रही हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

