नयी दिल्ली 27 सितम्बर (कड़वा सत्य) सेना का कहना है कि रणक्षेत्र में लड़ाईयां निरंतर तीव्र होती जा रही हैं जिससे लक्ष्य भेदने का समय निरंतर कम हो रहा है और जहां पहले लक्ष्य की पहचान कर उसे भेदने में आठ से नौ मिनट लग जाते थे अब उसमें एक से दो मिनट का समय लग रहा है।
सेना में आर्टिलरी यानी तोपखाना इकाई के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अदोष कुमार ने शनिवार को 198 वें आर्टिलरी दिवस से पहले मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि बदलते समय की जरूरतों को देखते हुए आर्टिलरी बहुत तेजी से आधुनिकीकरण कर रही है। उन्होंने कहा, “ हम पहले से कहीं अधिक गति से और निर्धारित समय-सीमा के अनुसार आधुनिकीकरण कर रहे हैं। हमारी आधुनिकीकरण और क्षमता विकास योजना ‘आत्मनिर्भरता’ अभियान से जुड़ी है और ‘स्वदेशीकरण के माध्यम से आधुनिकीकरण’ के सिद्धांत पर आधारित है। ”
लड़ाईयों के बेहद तेज होने से एक से दो मिनट में भेदा जा रहा है लक्ष्यों को

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