नयी दिल्ली 15 अक्टूबर (कड़वा सत्य) दिल्ली की एक विशेष अदालत ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत दर्ज मामले में कथित रूप से शामिल दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की नियमित जमानत याचिका पर मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
प्रथम लिंक विशेष न्यायाधीश कावेरी बानेगा ने दलीलें पूरी होने के बाद मामले को 18 अक्टूबर को आदेश सुनाने के लिए स्थगित कर दिया।
जैन के वकील ने पहले अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया कि गवाहों को प्रभावित करने की कोई आशंका नहीं है, और अगर अदालत ने उन्हें नियमित जमानत दी तो भागने का भी कोई खतरा नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) 2017 में दर्ज की गयी थी और पांच साल बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा 2022 में अभियोजन शिकायत दर्ज की गयी।
वकील ने तर्क दिया कि श्री मनीष सिसोदिया 17 महीने तक हिरासत में रहे और उन्हें जमानत मंजूर कर दी गयी। इसके अलावा के कविता को भी पांच महीने में जमानत याचिका को मंजूरी दे दी गयी। वहीं श्री जैन लंबे समय से हिरासत में हैं और उन पर आरोप तय होना बाकी है। बिना सुनवाई के लंबे समय तक जेल में रहना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का उल्लंघन है।
ईडी के सरकारी वकील ने पहले जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि दो सह-आरोपी व्यक्तियों ने कथित तौर पर मुख्य आरोपी की सहायता की और देरी आरोपी व्यक्तियों की वजह से हुई।
अशोक
कड़वा सत्य
सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका पर विशेष अदालत ने सुरक्षित रखा फैसला

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