नयी दिल्ली 10 जनवरी (कड़वा सत्य) भारत के खगोल वैज्ञानिकों ने धरती से 75 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर आकाशगंगा में एक चर्चित बाइनरी ब्लैक होल की एक्स-किरणों में लौह-उर्त्सन के चिह्न देखें हैं जिससे उस ब्लैक-होल प्रणाली के गुणों के अध्ययन में आसानी होगी।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की एक विज्ञप्ति के अनुसार और किसी बायनरी ब्लैक होल में एक्स-रे के साथ लौह तत्व के उत्सर्जन को देखा गया है। बायनरी अथवा जुड़वा ब्लैक होल (कृष्ण विवर) प्रणाली में एक ही घेरे में दो-ब्लैक होल सक्रिय रहते हैं।
सुदूर आकाशगंगा के जुड़वा ‘ब्लैक होल’ की एक्स-रे में लौह-तत्व उत्सर्जन के चिह्न खोजे वैज्ञानिकों ने

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