Rent a Boyfriend: अकेलापन दूर करने और बिना किसी कमिटमेंट के क्वालिटी टाइम बिताने के लिए भारत में एक नया और अजीबोगरीब ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। अब आप कैब बुक करने या खाना ऑर्डर करने की तरह ही, अपने फोन से कुछ घंटों के लिए ‘बॉयफ्रेंड’ भी किराए पर (Rent a Boyfriend) ले सकते हैं। जापान से शुरू हुआ यह कॉन्सेप्ट अब भारतीय सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
ऐप से बुक करें ‘पार्टनर’, नाम दिया गया ‘शॉपिंग बडी’
अब समझिए पूरा मामला… भारत में यह सर्विस सीधे तौर पर ‘रेंटल बॉयफ्रेंड’ के नाम से थोड़ी कम, बल्कि “मूवी पार्टनर”, “शॉपिंग बडी”, या “प्रोफेशनल सोशल सपोर्ट सर्विस” के नाम से ज्यादा चल रही है। Facebook, Instagram और कुछ खास वेबसाइट्स के जरिए आप लड़कों की प्रोफाइल देख सकते हैं, उनका टाइम स्लॉट बुक कर सकते हैं और उनके साथ फिल्म देखने, शॉपिंग करने या किसी कैफे में कॉफी पीने जैसी एक्टिविटीज चुन सकते हैं। दिल्ली-मुंबई के बाद अब भोपाल, इंदौर और रायपुर जैसे टियर-2 शहरों के युवाओं में भी इस ट्रेंड को लेकर भारी उत्सुकता देखी जा रही है।
कोई फिजिकल टच नहीं… सेफ्टी के लिए बनाए गए सख्त नियम
इस सर्विस का नाम भले ही ‘रेंटल बॉयफ्रेंड’ हो, लेकिन इसके नियम बहुत सख्त और पेशेवर हैं। अगर कोई लड़की यह सर्विस बुक करती है, तो रेंटल बॉयफ्रेंड सिर्फ उसके साथ कैफे, म्यूजियम, पार्क या रेस्टोरेंट जैसी पब्लिक जगहों (Public Places) पर ही जा सकता है।
- बैन: किसी भी तरह की सेक्सुअल या फिजिकल एक्टिविटी पर पूरी तरह रोक है।
- नो एंट्री: वे किसी भी होटल के कमरे या सुनसान जगह पर नहीं जा सकते और ना ही रात भर रुक (Overnight stay) सकते हैं।
- बिहेवियर: दोनों के बीच बातचीत पूरी तरह से सम्मानजनक और दोस्ताना होनी चाहिए।
₹79 से शुरू होती है फीस, कौन बन रहा है रेंटल बॉयफ्रेंड?
जापान में यह कॉन्सेप्ट इसलिए हिट हुआ क्योंकि वहां लोग काम के भारी दबाव और अकेलेपन से जूझ रहे थे। भारत में भी युवाओं की यही स्थिति इस बिजनेस को हवा दे रही है। कीमत की बात करें तो भारत में कुछ वेबसाइट्स ₹79 से ₹100 की शुरुआती कीमत पर यह सर्विस दे रही हैं, जो समय और एक्टिविटी के हिसाब से ₹1,500 से ₹2,000 तक जा सकती है। दिलचस्प बात यह है कि इस काम को करने वाले कोई प्रोफेशनल्स नहीं, बल्कि ज्यादातर कॉलेज स्टूडेंट्स हैं, जो अपनी बेसिक डिटेल्स और तस्वीरें अपलोड कर इसे एक ‘साइड गिग’ (Side Gig) के तौर पर कर रहे हैं।
आगे क्या होगा? क्या यह समाज में एक्सेप्ट होगा?
‘रेंटल बॉयफ्रेंड’ का कॉन्सेप्ट भले ही अभी भारत में शुरुआती दौर में है, लेकिन यह हमारे समाज में बढ़ रहे ‘अकेलेपन की महामारी’ (Loneliness Epidemic) की ओर साफ इशारा करता है। आज के युवा पारंपरिक रिश्तों की उलझनों, दबाव और ब्रेकअप के डर से बचना चाहते हैं। उन्हें सिर्फ एक ऐसा साथी चाहिए जो बिना जज किए उनकी बात सुन सके। हालांकि, भारत जैसे रूढ़िवादी समाज में इस सर्विस को पूरी तरह से स्वीकार होने और इसे सुरक्षित बनाए रखने के लिए अभी कई कानूनी और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।







