T20I Series: इंग्लैंड दौरे पर भारतीय क्रिकेट टीम का खराब प्रदर्शन लगातार चर्चा में बना हुआ है। टीम की हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने इसे “ट्रांजिशन” यानी बदलाव के दौर से गुजर रही टीम बताया है। हालांकि कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ ट्रांजिशन को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। उनका कहना है कि टीम की कई कमजोरियां अब खुलकर सामने आ रही हैं।
भारतीय टीम इस दौरे पर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या के बिना खेल रही है। दोनों खिलाड़ी पिछले दो टी20 विश्व कप जीतने में टीम के अहम सदस्य रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा टीम के ज्यादातर खिलाड़ी लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं। ऐसे में सिर्फ नए खिलाड़ियों का हवाला देकर हार को सही नहीं ठहराया जा सकता।
मुख्य कोच पर भी सवाल उठ रहे
मुख्य कोच गौतम गंभीर की रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं। जुलाई 2024 में टीम इंडिया के कोच बनने के बाद उनसे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन विदेशी दौरों पर टीम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। भारत की आक्रामक बल्लेबाजी की रणनीति घरेलू पिचों पर तो सफल रही, लेकिन इंग्लैंड जैसी तेज और उछाल वाली पिचों पर बल्लेबाज खुद को ढालने में नाकाम रहे। टीम चयन को लेकर भी आलोचना हो रही है।
विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने 2026 टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया था और लगातार तीन मैचों में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने थे। इसके बावजूद इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती असफलताओं के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे में भी उन्हें मौका नहीं मिला। इससे खिलाड़ियों के बीच गलत संदेश जाने की बात कही जा रही है।
लगातार विकेट गिरते रहे
भारतीय बल्लेबाजों को इंग्लैंड और आयरलैंड के गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंदों, स्विंग और अतिरिक्त उछाल से काफी परेशान किया। बल्लेबाज शुरुआत में संयम दिखाने के बजाय बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते रहे, जिससे लगातार विकेट गिरते रहे। टीम के पास मुश्किल परिस्थितियों के लिए कोई वैकल्पिक रणनीति भी नजर नहीं आई।
टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने भी माना कि विदेशी परिस्थितियों में टीम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रही है। उन्होंने खिलाड़ियों से मानसिक रूप से मजबूत बनने और भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों, खासकर 2028 टी20 विश्व कप की तैयारी पर ध्यान देने की बात कही।
अब टीम प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती विदेशी परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करना और एक ऐसी टीम तैयार करना है, जो हर हालात में जीत हासिल कर सके। आने वाले मुकाबले टीम इंडिया के लिए अपनी कमजोरियों को दूर करने का बड़ा मौका होंगे।













