Women Bill: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक के पास न होने पर निराशा जताई है। उन्होंने इस मुद्दे पर विपक्ष की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह देश की बेटियों के साथ न्याय नहीं है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि संसद में पिछले तीन दिनों में जो कुछ हुआ, वह बेहद निराशाजनक है। उनके अनुसार, आजादी के इतने साल बाद भी महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि बेटियों की हार को लोकतंत्र की जीत कैसे कहा जा सकता है।
रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर लगाया आरोप
सीएम ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने पहले से ही तय कर लिया था कि इस बिल को पास नहीं होने देना है। कभी कोटे में कोटा की बात उठाई गई, तो कभी अन्य मुद्दे लाकर चर्चा को भटकाया गया। उन्होंने कहा कि 2023 के बिल में कई जरूरी बातें पहले ही शामिल थीं। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसा समाधान देने की कोशिश की थी, जिससे किसी को नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि यह एक “विन-विन” स्थिति थी, लेकिन फिर भी विपक्ष ने इसका विरोध किया।
ट्रिपल तलाक कानून पर उठाया सवाल
रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि कुछ नेता मुस्लिम महिलाओं के हितैषी बनने की बात करते हैं, लेकिन जब ट्रिपल तलाक कानून आया था, तब उसका विरोध क्यों किया गया। उन्होंने शाह बानो मामले का जिक्र करते हुए कहा कि तब भी फैसले को कानून बनाकर पलट दिया गया था। उन्होंने कहा कि आज जो लोग कोटे में कोटा की मांग कर रहे हैं, उन्होंने पहले कभी इस दिशा में काम नहीं किया। उनके मुताबिक, कुछ नेताओं को डर है कि अगर आम महिलाएं चुनाव जीत जाएंगी, तो उनकी राजनीति प्रभावित होगी।
सीएम ने सोशल मीडिया पर की कविता शेयर
सीएम ने सोशल मीडिया पर एक कविता भी साझा की और महिलाओं का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि महिलाएं तपते लोहे और चमकते सोने की तरह हैं, जो हर मुश्किल के बाद और मजबूत बनती हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी महिलाओं को पूरी भागीदारी नहीं मिल पाई है और वे लगातार आगे बढ़ने के लिए संघर्ष कर रही हैं।












