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बिहार एमएलसी चुनाव: तिरहुत सीट से नरेंद्र प्रसाद सिंह की जीत, इसे बताया सम्राट चौधरी की विजय

बिहार विधान परिषद चुनाव में तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह ने जीत दर्ज की है। जानें पूरी खबर।

Sonu Nigam· 28 Oct, 7:40 AM · 2 मिनट
बिहार एमएलसी चुनाव: तिरहुत सीट से नरेंद्र प्रसाद सिंह की जीत, इसे बताया सम्राट चौधरी की विजय

बिहार विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणामों में एनडीए को बड़ी सफलता मिली है। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद सिंह ने 594 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। अपनी जीत के बाद नरेंद्र प्रसाद सिंह ने इसे केवल अपनी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि बिहार सरकार और एनडीए के कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम बताया है।

मीडिया से बात करते हुए नरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि यह जीत मुख्य रूप से सम्राट चौधरी और एनडीए के समर्पित कार्यकर्ताओं व नेताओं की जीत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षकों ने सरकार पर भरोसा जताया है क्योंकि उन्हें विश्वास है कि यह सरकार उनके हितों के लिए काम करेगी। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय एनडीए के घटक दलों के बीच बेहतर समन्वय और जमीनी स्तर पर किए गए प्रयासों को दिया।

पटना मतगणना केंद्र पर हुआ हंगामा

जहां एक तरफ जीत का जश्न मनाया जा रहा था, वहीं पटना स्थित मतगणना केंद्र पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। जानकारी के मुताबिक, भाजपा उम्मीदवार नवल किशोर यादव और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार दिव्य ज्योति के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई। स्थिति बिगड़ने पर मौके पर पुलिस बल को तैनात करना पड़ा ताकि शांति व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

इस बीच, जेडीयू से निष्कासित विधायक अनंत सिंह ने भी एनडीए की जीत पर भरोसा जताया। पार्टी से निकाले जाने के सवाल पर उन्होंने सहजता दिखाते हुए कहा कि उन्हें इस फैसले से कोई दिक्कत नहीं है और वह सरकारी आवास खाली करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता ही असली मालिक है और वह पार्टी के किसी भी निर्णय का सम्मान करते हैं।

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने बिहार की आठ सीटों (चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र) पर चुनाव कराए थे, क्योंकि मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इन सीटों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी (स्नातक) तथा पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण (शिक्षक) शामिल हैं। पूरी चुनावी प्रक्रिया को 31 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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