दिल्ली तिराहा ब्रिज दिसंबर तक होगा शुरू, अब अंडरपास के लिए उठी मांग
दिल्ली तिराहा ब्रिज को दिसंबर तक खोलने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं स्थानीय लोग ट्रैफिक कम करने के लिए अंडरपास की मांग कर रहे हैं।

दिल्ली के ट्रैफिक को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ी राहत मिलने वाली है। अधिकारियों ने दिल्ली तिराहा ब्रिज को दिसंबर तक आम जनता के लिए खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस ब्रिज के शुरू होने से इलाके में वाहनों की आवाजाही आसान होगी और जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी। हालांकि, ब्रिज के काम के साथ-साथ अब स्थानीय निवासियों और हितधारकों ने एक नई मांग उठाना शुरू कर दिया है।
इलाके के लोगों का कहना है कि केवल ब्रिज काफी नहीं है, बल्कि ट्रैफिक के दबाव को पूरी तरह कम करने और पैदल चलने वालों की सुविधा के लिए यहां एक अंडरपास का निर्माण भी बेहद जरूरी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अंडरपास बनने से कनेक्टिविटी और बेहतर होगी और सड़क पर भीड़भाड़ कम होगी।
इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और रेलवे से मिली मंजूरी
यह विकास कार्य शहर के बड़े प्रोजेक्ट्स, जैसे प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर का हिस्सा है। इसी कड़ी में भैरोन मार्ग अंडरपास (प्रगति मैदान अंडरपास-5) को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। दिल्ली लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री परवेश साहिब सिंह ने पुष्टि की है कि सरकार ने भारतीय रेलवे से महत्वपूर्ण अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त कर लिया है। रेलवे अलाइनमेंट के कारण इस साइट पर सालों से काम रुका हुआ था और तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन अब रास्ता साफ हो गया है।
इन प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार ने निर्माण के तरीकों में भी बदलाव किया है। फाउंडेशन को मजबूत करने के लिए ग्राउटिंग और स्ट्रक्चरल स्टिचिंग जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि दिल्ली तिराहा ब्रिज और ट्रांजिट कॉरिडोर जैसे महत्वपूर्ण कार्य मौजूदा स्वीकृत बजट के भीतर ही पूरे कर लिए जाएंगे।
गौरतलब है कि पिछले एक साल में दिल्ली में 13 नए अंडरपास और बारापुल फेज-3 जैसे बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन किया जा चुका है। अब सरकार का पूरा ध्यान पूर्वी-मध्य दिल्ली की कनेक्टिविटी को सुधारने और ट्रैफिक फ्लो को सुचारु बनाने पर है।