बिहार

किशनगंज के 10 गांव बनेंगे आदर्श ग्राम, डीएम ने विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने का दिया निर्देश

किशनगंज के 10 अनुसूचित जाति बहुल गांवों को पीएम-अजय योजना के तहत आदर्श ग्राम बनाया जाएगा। डीएम ने समय सीमा में काम पूरा करने का निर्देश दिया।

Sonu Nigam· 2 Nov, 5:58 PM · 2 मिनट
किशनगंज के 10 गांव बनेंगे आदर्श ग्राम, डीएम ने विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने का दिया निर्देश

बिहार के किशनगंज जिले में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और अनुसूचित जाति बहुल इलाकों की तस्वीर बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत जिले के 10 गांवों का चयन किया गया है, जिन्हें अब 'आदर्श ग्राम' के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पूरी कवायद को रफ्तार देने के लिए जिलाधिकारी नवीन कुमार ने जिला स्तरीय योजना मूल्यांकन-सह-अभिसरण समिति की समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे हों।

बैठक के दौरान यह जानकारी सामने आई कि जिन गांवों का चयन किया गया है, वहां अनुसूचित जाति की आबादी 40 प्रतिशत या उससे अधिक है। इन गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की योजना पर काम चल रहा है। चयनित गांवों की सूची में कोचाधामन प्रखंड के भवानीगंज, धनसोना, शाहनगर, नगरी और हरिभासा शामिल हैं। इसके अलावा टेढ़ागाछ के घनी फुलसरा और हवाकोल खुर्द, दिघलबैंक का सतमेरी, पोठिया का डुबानोची और किशनगंज प्रखंड का महेशबथना गांव इस योजना का लाभ उठाएंगे।

गांवों में मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं

आदर्श ग्राम योजना के तहत इन गांवों में सुविधाओं का जाल बिछाया जाएगा। प्रशासन ने तय किया है कि हर चयनित गांव में दो हाईमास्ट लाइटें लगाई जाएंगी और प्रत्येक परिवार को दो रिचार्जेबल एलईडी बल्ब दिए जाएंगे। साथ ही, सामुदायिक सेवा केंद्रों को जरूरी उपकरणों और सामग्री से लैस किया जाएगा। बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए नल-जल योजना, शौचालयों का निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्रों का सुधार, संपर्क पथ और गली-नाली जैसे महत्वपूर्ण कार्य संबंधित विभागों के माध्यम से कराए जाएंगे।

जिलाधिकारी नवीन कुमार ने स्पष्ट किया कि ग्राम सभा और ग्राम स्तरीय समितियों द्वारा अनुमोदित योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा है ताकि विकास कार्यों में कोई बाधा न आए। इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, सिविल सर्जन और जिला शिक्षा पदाधिकारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिन्हें योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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