बिहार

ग्रामीण रोजगार और गांवों का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता: सीएम सम्राट चौधरी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ग्रामीण रोजगार गारंटी मिशन की समीक्षा की। गांवों के समग्र विकास के लिए 22,000 करोड़ की योजनाओं पर जोर दिया।

Sonu Nigam· 5 Nov, 4:15 PM · 2 मिनट
ग्रामीण रोजगार और गांवों का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता: सीएम सम्राट चौधरी

बिहार सरकार ग्रामीण इलाकों की सूरत बदलने और वहां के युवाओं व परिवारों को काम के अवसर देने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। पटना के 'संकल्प' सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाना और गांवों का संतुलित विकास करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने 'विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)' की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि इस मिशन के जरिए ग्रामीण परिवारों को साल में कम से कम 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। इस पूरी योजना का वित्तीय बोझ केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाएंगे, जिसमें वित्त पोषण का अनुपात 60:40 तय किया गया है। सीएम ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि मजदूरों को उनकी मेहनत की कमाई के लिए इंतजार न करना पड़े और 15 दिनों की समय सीमा के भीतर मजदूरी का भुगतान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

गांवों के कायाकल्प के लिए 22 हजार करोड़ का रोडमैप

ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा लक्ष्य रखा है। उन्होंने निर्देश दिया कि मिशन के तहत गांवों के समग्र विकास और रोजगार सृजन के लिए 22,000 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को शामिल किया जाए। इसमें शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर खास ध्यान दिया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 12 लाख रुपये और उनकी साज-सज्जा, फर्नीचर व पठन-पाठन सामग्री के लिए अतिरिक्त 2 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने योजनाओं की संख्या बढ़ाने पर भी जोर देते हुए कहा कि अब तक की 1.5 लाख योजनाओं को बढ़ाकर 3 लाख किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूलों, हेल्थ केयर सेंटरों, ग्रामीण हाट, खेल मैदानों के निर्माण और वृक्षारोपण जैसे जरूरी कामों को प्राथमिकता दें। इसके लिए जिलाधिकारियों को निरंतर निगरानी करने और विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने को कहा गया है।

विकास के इस मॉडल में चार मुख्य स्तंभ होंगे: जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संवर्द्धन और आपदा प्रबंधन। सीएम ने स्पष्ट किया कि कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल हो और जनशिकायतों का निपटारा तुरंत किया जाए।

पर्यावरण और जल संरक्षण पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नहरों और जलाशयों का जीर्णोद्धार करना समय की मांग है। भू-जल स्तर को बनाए रखने के लिए जल संचयन और वनीकरण के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को दिया गया। बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव और भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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