Tata IIS बना भारत का पहला AWS SENSE ट्रेनिंग संस्थान, वेल्डिंग शिक्षा में आएगा बड़ा बदलाव
टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स (Tata IIS) अब भारत का पहला AWS SENSE ट्रेनिंग संगठन बन गया है, जिससे वेल्डिंग शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर मिलेगा।
कौशल विकास की दिशा में टाटा ग्रुप ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स (Tata IIS) अब भारत का पहला और एकमात्र ऐसा संस्थान बन गया है जिसे अमेरिकन वेल्डिंग सोसाइटी (AWS) SENSE ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन का दर्जा मिला है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद अब संस्थान अपने वेल्डिंग एजुकेशन प्रोग्राम्स का विस्तार करेगा और छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग प्रदान करेगा।
टाटा ग्रुप और भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) की साझा पहल से स्थापित Tata IIS अब अपने प्रैक्टिकल ट्रेनिंग करिकुलम में AWS SENSE (Schools Excelling through National Skills Standards Education) फ्रेमवर्क को शामिल करेगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अब भारतीय छात्रों को वेल्डिंग की ऐसी ट्रेनिंग मिलेगी, जिसे दुनिया भर में मान्यता प्राप्त है।
क्या है AWS SENSE प्रोग्राम और छात्रों को क्या होगा फायदा?
AWS SENSE प्रोग्राम वेल्डिंग शिक्षा के लिए एक बेहद स्ट्रक्चर्ड और व्यवस्थित तरीका पेश करता है। इस फ्रेमवर्क की मदद से छात्रों को न केवल इंडस्ट्री के मानकों के अनुसार ट्रेनिंग मिलेगी, बल्कि उन्हें औपचारिक सर्टिफिकेशन भी दिए जाएंगे। इसके अलावा, प्रशिक्षुओं के लिए एक व्यापक वेरिफिकेशन डेटाबेस भी उपलब्ध होगा, जिससे उनकी स्किल्स को प्रमाणित करना आसान हो जाएगा।
इस प्रोग्राम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह वेल्डिंग की बुनियादी समझ से लेकर एडवांस प्रोफेशनल लेवल तक की ट्रेनिंग कवर करता है। इसमें शामिल हैं:
- एंट्री लेवल स्किल्स: वेल्डिंग की शुरुआत करने वालों के लिए बुनियादी ज्ञान।
- फाउंडेशनल ट्रेनिंग: वेल्डिंग की प्रक्रियाओं की गहरी समझ।
- एडवांस प्रोफेशनल तैयारी: अनुभवी वेल्डर्स को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करना।
इस कदम से न केवल युवाओं के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि भारतीय वेल्डिंग इंडस्ट्री को भी ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के साथ तालमेल बिठाने में मदद मिलेगी।