मध्य प्रदेश : PG कॉलेज की लाइब्रेरी में LLB छात्र से मारपीट और जातिसूचक गाली देने का आरोप, SP से लगाई न्याय की गुहार
मामले को लेकर छात्र ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उसने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने, मेडिकल परीक्षण कराने और कॉलेज सहित थाने में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग की है।

शिवपुरीव् : शहर के शासकीय पीजी कॉलेज से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां कानून की पढ़ाई कर रहे LLB के छात्र दिलीप जाटव ने कॉलेज की लाइब्रेरी में जातिसूचक गाली-गलौज और बेल्ट से मारपीट किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र का आरोप है कि उसके साथ हुई घटना के बाद जब वह शिकायत लेकर थाना फिजिकल पहुंचा तो वहां भी उसे राहत मिलने के बजाय कथित तौर पर क्रॉस केस में फंसाने और उसका करियर बर्बाद करने की धमकी दी गई।
मामले को लेकर छात्र ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उसने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने, मेडिकल परीक्षण कराने और कॉलेज सहित थाने में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग की है।
लाइब्रेरी में विवाद के बाद मारपीट का आरोप
पीड़ित छात्र दिलीप जाटव के अनुसार, शासकीय पीजी कॉलेज की लाइब्रेरी में उसके साथ विवाद हुआ। छात्र का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की गई और विरोध करने पर बेल्ट से मारपीट की गई।
छात्र ने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान उसके सम्मान को ठेस पहुंचाई गई और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। कानून की पढ़ाई कर रहे छात्र के साथ शैक्षणिक संस्थान के भीतर इस तरह की घटना के आरोप सामने आने के बाद कॉलेज परिसर की सुरक्षा और विद्यार्थियों के सम्मान को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
थाने पहुंचा छात्र तो क्रॉस केस की धमकी देने का आरोप
दिलीप जाटव का आरोप है कि घटना के बाद वह अपनी शिकायत दर्ज कराने थाना फिजिकल पहुंचा था। लेकिन वहां भी उसे कथित रूप से दबाव का सामना करना पड़ा। छात्र का दावा है कि कुछ प्रोफेसरों ने उसे क्रॉस केस में फंसाने और उसका भविष्य तथा करियर बर्बाद करने की धमकी दी।
यदि छात्र द्वारा लगाए गए ये आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो मामला और भी गंभीर हो सकता है। क्योंकि किसी भी शिकायतकर्ता को अपनी बात पुलिस के सामने रखने और कानूनी प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज कराने का अधिकार है।