दिल्ली एनसीआर

दिल्ली में 18 साल बाद बदलेंगे कृषि भूमि के सर्किल रेट, कुछ इलाकों में 5 करोड़ तक पहुंच सकते हैं दाम

दिल्ली सरकार 2008 के बाद पहली बार कृषि भूमि के सर्किल रेट बढ़ाने जा रही है। जानें आपके इलाके में कितनी बढ़ सकती हैं कीमतें।

Sonu Nigam· 28 Oct, 6:17 AM · 2 मिनट
दिल्ली में 18 साल बाद बदलेंगे कृषि भूमि के सर्किल रेट, कुछ इलाकों में 5 करोड़ तक पहुंच सकते हैं दाम

दिल्ली में खेती की जमीन के मालिकों के लिए एक बड़ी खबर है। दिल्ली सरकार करीब 18 साल बाद कृषि भूमि के सर्किल रेट में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। साल 2008 के बाद से इन दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था, जिससे सरकारी रेट और बाजार की कीमतों में जमीन-आसमान का अंतर आ गया था। अब सरकार की कोशिश है कि आधिकारिक मूल्यांकन को वर्तमान मार्केट रेट के करीब लाया जाए।

ताजा जानकारी के मुताबिक, इस प्रस्ताव के तहत अलग-अलग जिलों के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो दक्षिण दिल्ली और नई दिल्ली जैसे प्रीमियम इलाकों में कृषि भूमि की दर 5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच सकती है। वहीं, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के लिए 3.5 करोड़ रुपये और दक्षिण-पूर्व, उत्तर, पश्चिम व उत्तर-पश्चिम जिलों के लिए 3 करोड़ रुपये प्रति एकड़ का प्रस्ताव है। मध्य दिल्ली के लिए यह दर 2.5 करोड़ रुपये और शाहदरा, उत्तर-पूर्व व पूर्वी जिलों के लिए 2.2 करोड़ रुपये प्रति एकड़ रहने की उम्मीद है।

इलाकों के हिसाब से तय होगी नई कीमतें

फिलहाल दिल्ली में न्यूनतम संकेतित दर (Minimum Indicative Rate) केवल 53 लाख रुपये प्रति एकड़ है, जो पिछले कई सालों से स्थिर थी। हालांकि, दिल्ली पंचायत संघ ने इस मांग को और आगे बढ़ाते हुए जमीन की कीमत 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ करने की अपील की है। लेकिन, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अगस्त 2023 में इन दरों की अधिकतम सीमा 5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तय करने की मंजूरी दी थी।

राजस्व मंत्री आतिशी ने स्पष्ट किया है कि जिलों के आधार पर तैयार की गई यह नई कार्यप्रणाली अब उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रही है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए डिविजनल कमिश्नर की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है, जिसने 1 अक्टूबर 2025 को सार्वजनिक परामर्श की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी।

सिर्फ खेती की जमीन ही नहीं, बल्कि सरकार रिहायशी और व्यावसायिक संपत्तियों के मूल्यांकन मानदंडों की भी समीक्षा कर रही है, जिन्हें आखिरी बार सितंबर 2014 में अपडेट किया गया था। प्रस्ताव है कि कैटेगरी A से H तक की संपत्तियों के रेट में 8% से 35% तक की बढ़ोतरी की जाए और एक नया 'A+' सुपर-प्रीमियम वर्ग भी शुरू किया जाए। साथ ही, सर्किल रेट पर मिलने वाली 20% की छूट 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है, जिसका मतलब है कि 1 जनवरी 2026 से पूरी दरों से गणना की जा रही है।

यह ख़बर दोस्तों तक पहुँचाएँ
शेयर करें

Comments

Leave a comment