पंजाब

“आस्था के मामले राजनीति से ऊपर!” करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने की CM भगवंत मान की मांग, पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित

सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि धार्मिक भावना के मामले संकीर्ण राजनीतिक विचारों का शिकार नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा, "लोगों की आध्यात्मिक इच्छाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

AAasim· 28 Oct, 12:25 AM · 2 मिनट
“आस्था के मामले राजनीति से ऊपर!” करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने की CM भगवंत मान की मांग, पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित

चंडीगढ़, 27 अक्टूबर: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज केंद्र सरकार से श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर से खोलने और इसे लगातार खुला रखने के साथ-साथ सिख संगत को गुरुद्वारा दरबार साहिब में नतमस्तक होने के लिए निर्बाध सुविधा देने की जोरदार अपील की। इस बात पर ज़ोर देते हुए कि धार्मिक भावनाओं के मामले राजनीति से ऊपर रखे जाने चाहिए, उन्होंने कहा कि संगत की आध्यात्मिक इच्छाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और धार्मिक भावना कभी भी संकीर्ण राजनीति का शिकार नहीं होनी चाहिए। पंजाब विधान सभा ने भी कॉरिडोर दोबारा खोलने के लिए केंद्र सरकार से अपील की ताकि संगत बिना किसी रुकावट के दर्शन कर सके।

सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि धार्मिक भावना के मामले संकीर्ण राजनीतिक विचारों का शिकार नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा, "लोगों की आध्यात्मिक इच्छाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। जहां धार्मिक भावना की बात आती है तो संकीर्ण राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। श्री करतारपुर साहिब लांघा दोबारा खोला जाना चाहिए ताकि संगत अपनी आध्यात्मिक इच्छाओं को बिना किसी रुकावट के पूरा कर सके।"

श्री गुरु नानक देव जी के सरबत दे भले' (सबका भला) के संदेश को ध्यान में रखते हुए पंजाब विधान सभा ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा पेश किया गया प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव में श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर से खोलने और इसे लगातार खुला रखने संबंधी केंद्र सरकार से अपील की गई। प्रस्ताव में ज़ोर दिया गया है कि यह कॉरिडोर केवल भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक मार्ग नहीं है, बल्कि लाखों सिख संगतों के लिए धार्मिक स्वतंत्रता और मानवीय साझेदारी से जुड़ा हुआ मामला है।

इस प्रस्ताव में मांग की गई है कि केंद्र सरकार कॉरिडोर को फिर से खोलने और चालू रखने के लिए तुरंत कदम उठाए, तीर्थ यात्रा की प्रक्रियाओं को सरल बनाए और पाकिस्तान सरकार से बातचीत करे ताकि संगत की पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब तक सुरक्षित, सुचारू और निर्बाध पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि कॉरिडोर के माध्यम से आने-जाने संबंधी पाबंदियां और रुकावटें दुनिया भर में बसे सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं और गुरु नानक नाम लेवा संगत को दर्शनों से वंचित करती हैं। प्रस्ताव में केंद्र सरकार से संगत, विशेषकर बुजुर्गों के लिए प्रक्रियाओं को और सरल बनाने की अपील की गई है ताकि अधिक से अधिक संगत इस पवित्र स्थान के दर्शन कर सके।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने कहा, "श्री करतारपुर साहिब 'किरत करो, नाम जपो ते वंड छको' के सिद्धांतों का मूल है। यह कॉरिडोर केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि एक ऐसा पुल है, जो सिख संगत को उस धरती से फिर जोड़ता है, जहां हमारे गुरु साहिब ने चरण पाए थे।"

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