सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट: टूटेगा शास्त्री भवन, अब दिल्ली के पहले जन औषधि केंद्र पर संकट
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत शास्त्री भवन टूटने से दिल्ली का पहला जन औषधि केंद्र बंद होने की कगार पर है। जानिए क्या है पूरा मामला।

राजधानी दिल्ली में सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन इस आधुनिक बदलाव के बीच एक जरूरी स्वास्थ्य सुविधा का भविष्य अधर में लटक गया है। दिल्ली का सबसे पहला जन औषधि केंद्र, जो साल 2009 में शास्त्री भवन में शुरू किया गया था, अब बंद होने की कगार पर है। वजह यह है कि जिस शास्त्री भवन में यह केंद्र स्थित है, उसे गिराकर नए कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (कर्तव्य भवन 4 और 5) का निर्माण किया जाना है।
पिछले करीब दो दशकों से यह केंद्र सरकारी कर्मचारियों और आसपास काम करने वाले निर्माण मजदूरों के लिए सस्ती दवाओं का एक बड़ा सहारा रहा है। हालांकि, सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि 30 सितंबर 2026 तक इस परिसर को खाली कर दिया जाए। हैरानी की बात यह है कि शास्त्री भवन में स्थित अन्य सभी मंत्रालय और विभाग अपनी नई जगहों पर शिफ्ट हो चुके हैं, लेकिन यह जन औषधि केंद्र अब भी उसी पुरानी इमारत में अकेला बचा हुआ है।
नई जगह की मांग, लेकिन प्रशासन की चुप्पी
देश के शुरुआती जन औषधि केंद्रों में से एक होने के नाते इस स्टोर की अहमियत काफी ज्यादा है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इसकी अनदेखी दिख रही है। केंद्र प्रबंधन ने नई जगह के लिए अधिकारियों से कई बार अनुरोध किया है, लेकिन 31 अक्टूबर 2026 तक उन्हें कोई औपचारिक जवाब नहीं मिला है।
एक तरफ सरकार राजधानी के ऑफिस इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के लिए पुरानी इमारतों को ध्वस्त कर रही है, वहीं दूसरी तरफ एक ऐसी कल्याणकारी सुविधा का भविष्य अनिश्चित हो गया है जो आम जनता और मजदूरों को सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करती है। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस महत्वपूर्ण केंद्र को कोई वैकल्पिक स्थान देता है या यह ऐतिहासिक केंद्र इस विकास की भेंट चढ़ जाएगा।