दिल्ली जाने वाली 200 उत्तराखंड रोडवेज बसें निलंबित, प्रदूषण नियमों ने रोका रास्ता
प्रदूषण नियमों के कारण उत्तराखंड रोडवेज की 200 बसें दिल्ली रूट से हटीं। जानें अब यात्रियों का सफर कैसे होगा।

अगर आप उत्तराखंड से दिल्ली के लिए बस यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार और ट्रैफिक अधिकारियों ने कड़े कदम उठाए हैं, जिसका सीधा असर उत्तराखंड रोडवेज दिल्ली बसें सेवाओं पर पड़ा है। नए उत्सर्जन मानकों (BS-VI) के कारण उत्तराखंड परिवहन निगम को दिल्ली रूट पर चलने वाली अपनी करीब 200 बसों के संचालन को रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
यह पूरा मामला ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत लागू किए गए नए नियमों से जुड़ा है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के बाद अब केवल BS-VI मानक वाली गाड़ियों को ही राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश की अनुमति है। यह पाबंदी 1 नवंबर 2026 से शुरू होकर 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी। निगम की कुल 934 बसों के बेड़े में से लगभग 400 बसें रोजाना दिल्ली के लिए चलती हैं, जिनमें से आधी को अब नियमों के कारण बाहर बैठना होगा।
लग्जरी और एसी बसों पर सबसे ज्यादा असर
इस फैसले की सबसे ज्यादा मार देहरादून से चलने वाली लग्जरी वोल्वो और एसी बसों पर पड़ी है, जो उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं कर पा रही हैं। हालांकि, यात्रियों की परेशानी को कम करने के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम ने अपनी रणनीति बदली है। निगम अब अपने उन बसों के फेरे बढ़ा रहा है जो BS-VI मानकों के अनुरूप हैं, ताकि दिल्ली जाने वाले यात्रियों को ज्यादा दिक्कत न हो।
नियमों के मुताबिक, केवल डीजल बसें जो उत्सर्जन मानकों पर खरी नहीं उतरतीं, उन्हें ही रोका गया है। इलेक्ट्रिक, सीएनजी (CNG) और एलएनजी (LNG) से चलने वाली बसों के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं को इस पाबंदी से छूट दी गई है। इसके अलावा, दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी पात्र वाहनों के पास एक वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) होना अनिवार्य है, ताकि शहर की हवा को और ज्यादा प्रदूषित होने से बचाया जा सके।