गुरुग्राम: सर्दियों के कोहरे से पहले ट्रैफिक पुलिस ने चिन्हित किए 48 खतरनाक स्पॉट्स
सर्दियों के कोहरे से पहले गुरुग्राम पुलिस ने दिल्ली-जयपुर और सोहना हाईवे पर 48 खतरनाक स्पॉट्स की पहचान की है, ताकि हादसों को रोका जा सके।

सर्दियों का मौसम आते ही जब घना कोहरा छाता है, तो सड़कों पर विजिबिलिटी कम होने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इसी जोखिम को देखते हुए गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने एक बड़ा सर्वे किया है। इस सर्वे के दौरान दिल्ली-जयपुर और गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर ऐसे 48 पॉइंट्स (स्पॉट्स) की पहचान की गई है, जहां दुर्घटनाओं की संभावना सबसे अधिक रहती है।
ट्रैफिक पुलिस ने इन संवेदनशील इलाकों की सूची तैयार कर ली है और तुरंत कार्रवाई के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI), गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) और नगर निगम को औपचारिक पत्र भेजे हैं। पुलिस का कहना है कि अगर इन खामियों को समय रहते दूर नहीं किया गया, तो सर्दियों में कोहरे के दौरान बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
इन कमियों की वजह से बढ़ रहा है हादसों का डर
डीसीपी (ट्रैफिक) डॉ. हितेश यादव ने बताया कि इन 48 स्थानों पर सुरक्षा के बुनियादी इंतजामों की भारी कमी है। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याओं को रेखांकित किया है:
- सड़कों पर रोशनी (लाइटिंग) का पर्याप्त इंतजाम न होना।
- लेन मार्किंग का धुंधला या गायब होना, जिससे ड्राइवरों को रास्ता समझने में दिक्कत होती है।
- जेब्रा क्रॉसिंग का न होना और सड़कों पर गहरे गड्ढे।
- रोड सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर का अभाव।
सर्वे के मुताबिक, दिल्ली-जयपुर हाईवे पर खेड़की दौला टोल प्लाजा, बिनोला फ्लाईओवर, चिनार होटल, झरसा फ्लाईओवर, राजनगर टर्न, मानेसर बस स्टैंड, IMT चौक मानेसर और पचगांव चौक जैसे इलाके बेहद संवेदनशील हैं। इसके अलावा टाटा पासको चौक, पॉलीटेक्निक कॉलेज, बिलspur चौक और पार्क इन होटल के पास के क्षेत्रों को भी हाई-रिस्क जोन में रखा गया है।
पुलिस ने यह भी पाया कि सोहना हाईवे की सर्विस रोड पर अवैध अतिक्रमण एक बड़ी समस्या बन गया है। इस वजह से न केवल ट्रैफिक जाम लगता है, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी यह एक बड़ा खतरा है। पुलिस ने संबंधित विभागों से मांग की है कि कोहरा गहरा होने से पहले इन सभी ब्लैक स्पॉट्स को ठीक किया जाए ताकि यात्रियों का सफर सुरक्षित रहे।