दोहा, 06 फरवरी (कड़वा सत्य) कतर ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका और ईरान के बीच मतभेदों को सुलझाने के लिए मध्यस्थता करने के लिए तैयार है। यह जानकारी कतर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एवं प्रधानमंत्री के सलाहकार माजिद अल-अंसारी ने दी।
श्री अंसारी ने बुधवार को फॉक्स न्यूज प्रसारक से कहा, “हम पहले ट्रंप प्रशासन के दौरान भी ईरान के साथ एक व्यवस्था प्राप्त करने के लिए अमेरिका के साथ काम कर रहे थे और हमें लगता है कि यह भूमिका हम अब भी निभा सकते हैं।”
साथ ही, उन्होंने कहा कि कतर वर्तमान में 10 मध्यस्थता प्रक्रियाओं में शामिल है जो एक साथ चल रही हैं, जिसमें फिलिस्तीनी आंदोलन हमास और इज़रायल के बीच मध्यस्थता की कोशिश भी शामिल हैं। कतर ने 2024 में ईरान और अमेरिका के बीच कैदियों की अदला-बदली में मध्यस्थता की थी।
संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए, जिसे ईरान परमाणु समझौता भी कहा जाता है) पर 2015 में ईरान, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, चीन, रूस और अमेरिका के साथ-साथ यूरोपीय संघ ने भी हस्ताक्षर किया था। इस समझौते के अंतर्गत, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंकुश के बदले प्रतिबंधों में ढील का प्रावधान किया गया था। अमेरिका 2018 में जेसीपीओए से निकल गया और तेहरान पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया, जिसने परमाणु अनुसंधान और यूरेनियम संवर्धन पर अपनी प्रतिबद्धताओं में क्रमिक कमी की घोषणा की।
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कड़वा सत्य
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मदद करने के लिए तैयार है कतर: विदेश मंत्रालय


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