साहिबजादा अजीत सिंह नगर/चंडीगढ़, 16 जुलाई: पंजाब की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने और आवश्यक खाद्य आपूर्ति को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 2,800 नए राशन डिपो धारकों को लाइसेंस सौंपे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि राज्य भर के लोगों को राशन उनके घरों के नजदीक उपलब्ध कराया जा सके। इस कदम से लगभग 5.5 लाख राशन कार्ड धारकों को लाभ होगा, जिन्हें अब अपना मासिक राशन लेने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी या काम छोड़ना नहीं पड़ेगा।

आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा साक्षात्कार-आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से नए डिपो आवंटित किए गए हैं, जिससे समाज के सभी वर्गों, जिनमें अनुसूचित जाति (एस.सी.), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओ.बी.सी.), पूर्व सैनिक, स्वतंत्रता सेनानी, दिव्यांग व्यक्ति और दंगा पीड़ित परिवार शामिल हैं, के लिए प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। मोहाली के विकास भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में नवनियुक्त डिपो धारकों को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने इन लाइसेंसों को ईमानदारी, निष्पक्षता और सहानुभूति के साथ लोगों की सेवा करने की एक बड़ी जिम्मेदारी बताया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नए राशन डिपो खुलने से लगभग 5.5 लाख राशन कार्ड धारकों को अपने मासिक राशन के लिए लंबी दूरी तय करने या काम छोड़कर लंबी कतारों में खड़े होने से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने नए राशन डिपो धारकों को लाइसेंस जारी करते समय समाज के सभी वर्गों का समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा, "आवंटन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया गया है, जबकि समाज के हर वर्ग के लिए प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। 2,800 नए लाइसेंसों में से, 633 अनुसूचित जाति वर्ग के परिवारों को, 199 अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित परिवारों को, 181 पूर्व सैनिकों को, 39 स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को, 156 दिव्यांग व्यक्तियों को और 17 दंगा पीड़ित परिवारों को आवंटित किए गए हैं।"

खाद्य सुरक्षा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को उजागर करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि स्मार्ट राशन कार्ड योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा पंजाब भर के 40 लाख परिवारों को मुफ्त गेहूं और मेरी रसोई राशन किट प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा, "पिछली सरकारों ने राजनीतिक सिफारिशों के आधार पर राशन डिपो लाइसेंस वितरित किए थे। हमने पक्षपात को खत्म करने और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए साक्षात्कार-आधारित चयन प्रणाली शुरू करके इस परंपरा को खत्म कर दिया है।"

नए चुने गए डिपो धारकों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लाइसेंसों ने हजारों परिवारों के लिए रोजी-रोटी का एक नया रास्ता खोला है और साथ ही उन्हें समाज की सेवा करने का अवसर भी दिया है। उन्होंने कहा, "आज, 2,800 डिपो धारकों को नई डिपो आवंटन नीति के तहत लाइसेंस दिए जा रहे हैं। यह सिर्फ एक लाइसेंस नहीं है, बल्कि लोगों की सेवा करते हुए रोजी-रोटी कमाने का अवसर है। आप सरकार और लोगों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करेंगे और मैं इसे ईश्वर का आशीर्वाद मानता हूं कि आपको यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।"

इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से पंजाब के लोगों को अत्यधिक लाभ होगा और साथ ही जमीनी स्तर पर आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति को और बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार की नीतियां सिर्फ लोगों की भलाई के लिए लागू की जा रही हैं। आज, 40 लाख परिवारों को हल्दी से लेकर दालों तक आवश्यक घरेलू सामान वाली मुफ्त मेरी रसोई किट मिल रही हैं। यह हर सरकार का कर्तव्य है कि वह यह सुनिश्चित करे कि कोई भी परिवार भूखा न सोए और हम सिर्फ लोगों के प्रति अपना कर्तव्य निभा रहे हैं।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सोच है कि हर गांव और हर शहर में राशन डिपो स्थापित किए जाएं ताकि लोगों को उनके घरों के नजदीक ही सेवाएं मिल सकें।

नवनियुक्त डिपो धारकों को अपनी जिम्मेदारियां पूरी लगन से निभाने की अपील करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे हर लाभार्थी के साथ निष्पक्षता, ईमानदारी और सहानुभूति से पेश आएं। उन्होंने कहा, "मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि इसे सिर्फ एक व्यवसाय न समझें, बल्कि एक पवित्र जिम्मेदारी समझें। बुजुर्गों, विकलांगों और गरीब परिवारों की विशेष देखभाल करें। जहां भी जरूरत हो, यह सुनिश्चित करें कि विकलांगों को उनके घरों में राशन मिले। यह आवंटन एक पारदर्शी साक्षात्कार प्रक्रिया के माध्यम से योग्यता के आधार पर किया गया है, ताकि योग्य लोगों को ये लाइसेंस मिल सकें। समाज की सेवा करने के साथ-साथ, यह पहल हजारों परिवारों को एक सम्मानजनक रोजी-रोटी कमाने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने में भी मदद करेगी।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान ऐसे लोक कल्याणकारी प्रयास रुक गए थे, जिनका एकमात्र उद्देश्य लोगों की सेवा करने के बजाय उनका शोषण करना था। उन्होंने कहा, "पिछली सरकारों के पास पंजाब के लिए कोई दृष्टिकोण नहीं था। उनका एकमात्र उद्देश्य लोगों को लूटना और गुमराह करना था।"

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी आंतरिक संघर्षों में डूबी रहती है। उन्होंने कहा, "एक दिन वे एक नेता को महत्व देते हैं, अगले दिन दूसरे को। उनकी राजनीति सिर्फ कुर्सी के इर्द-गिर्द घूमती है। उनके अपने ही एक नेता ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि उनकी पार्टी में मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं। उन्होंने पूछा कि इतना पैसा कहां से आएगा?"

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ऐसा पैसा आखिरकार आम लोगों की जेब से आता है, जो लोक कल्याण पर केंद्रित प्रशासन पर बुरा प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा, "यह पैसा लोगों से वसूला जाएगा। जब राजनीति इतनी महंगी हो जाती है, तो लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।"

राज्य सरकार की पहलों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने और राज्य तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनमोल जानें बचाने के लिए देश की पहली समर्पित सड़क सुरक्षा बल (एस.एस.एफ.) की शुरुआत की है। उन्होंने कहा, “दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और पूरे पंजाब में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 1,597 नव-भर्ती कर्मियों के विशेष रूप से प्रशिक्षित बल को 144 पूर्णतः सुसज्जित वाहनों के साथ तैनात किया गया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष फरवरी में अपनी शुरुआत के बाद से सड़क सुरक्षा बल ने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 48 प्रतिशत की कमी लाई है। उन्होंने आगे कहा कि जानें बचाने के अलावा इस बल ने दुर्घटना पीड़ितों से संबंधित कीमती सामान और नकदी की सुरक्षित वापसी भी सुनिश्चित की है।

सिंचाई क्षेत्र में सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में नहरी पानी के उपयोग में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा, “वर्ष 2022 में पंजाब अपने नहरी पानी का केवल 22 प्रतिशत उपयोग कर रहा था। आज यह आंकड़ा 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है। अनेक क्षेत्रों में लोगों ने लगभग 80 वर्षों में पहली बार अपने गांवों तक नहरी पानी पहुंचते देखा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले किसानों के पास सिंचाई के लिए बोरवेलों पर निर्भर रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं था, लेकिन राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों ने भूजल पर निर्भरता को काफी कम कर दिया है। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार की अपनी रिपोर्ट के अनुसार हमारे निरंतर प्रयासों के कारण पंजाब के भूजल स्तर में लगभग चार मीटर का सुधार हुआ है। हम नहरी पानी का अधिक और भूजल का कम उपयोग कर रहे हैं तथा वह दिन दूर नहीं जब पंजाब अपने उपलब्ध नहरी पानी का 100 प्रतिशत उपयोग करेगा।”

नदी जल पर राज्य के दृढ़ रुख को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अपने वैध हिस्से की रक्षा करेगा। उन्होंने कहा, “पंजाब का पानी पंजाब का है। हम अपना पानी किसी को भी नहीं लेने देंगे, चाहे वह हरियाणा हो या राजस्थान। पहले पंजाब का शोषण किया जाता था, लेकिन वे दिन अब बीत चुके हैं।”

अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वह पंजाब की वास्तविकताओं से अनभिज्ञ हैं। उन्होंने कहा, “सुखबीर सिंह बादल ने अपना पूरा जीवन विशेषाधिकारों और ऐशो-आराम में बिताया है। वह पंजाब की जमीनी वास्तविकताओं से अनजान हैं, फिर भी राज्य का नेतृत्व करने का प्रयास करते हैं। वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद पूर्व उपमुख्यमंत्री को पंजाब के भूगोल और कृषि की बुनियादी जानकारी तक नहीं है। वह राज्य की प्रमुख फसलों में भी अंतर नहीं कर सकते। इसके बावजूद उनकी पार्टी हम पर एक के बाद एक निराधार आरोप लगा रही है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उन्हें राजनीतिक रूप से प्रेरित अभियानों के माध्यम से बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “अब शिरोमणि समिति ने गुरुद्वारों के बाहर मेरे बहिष्कार वाले पोस्टर लगाने के निर्देश दिए हैं। लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि अकाली दल या सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ ऐसे पोस्टर क्यों नहीं लगाए गए, जब उन्होंने स्वयं बेअदबी की घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार की थी?”

2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष हुई कार्रवाई को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से अपनी गलतियां स्वीकार की थीं। उन्होंने कहा, “उन्होंने अपनी गलती मानी, गोलीबारी की घटनाओं की जिम्मेदारी ली और स्वीकार किया कि संगत के विरुद्ध आदेश जारी किए गए थे। जब उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष यह स्वीकार किया था, तब क्या किसी ने गुरुद्वारों के बाहर उनके बहिष्कार की अपील करने वाले पोस्टर लगाए थे? संगत समझदार है और जनता सर्वोच्च है। ऐसी कार्रवाइयां केवल इसलिए की जा रही हैं क्योंकि उनके पास मेरे खिलाफ उठाने के लिए कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेतृत्व ने नशे को संरक्षण देकर पंजाब को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। उन्होंने कहा, “उन्होंने नशे के कारोबार को बढ़ावा देकर और उसे संरक्षण देकर पंजाब की पीढ़ियों को बर्बाद कर दिया। रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि सरकारी वाहनों का उपयोग नशे की तस्करी के लिए किया जाता था। उन्होंने अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग कर प्रत्येक पंजाबी की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, जो एक अक्षम्य पाप है।”

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे नेताओं ने पंजाब और सिख पंथ विरोधी शक्तियों के हितों में काम किया है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल मेरे खिलाफ साजिश रचने के लिए एकजुट हो गए हैं क्योंकि वे हमारी सरकार द्वारा किए जा रहे जनहितैषी कार्यों को पचा नहीं पा रहे हैं।”

जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के खजाने का एक-एक रुपया जनता के हित में सोच-समझकर खर्च किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। पहली बार किसानों को खेती के लिए दिन के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल रही है। हमारी सरकार का प्रत्येक निर्णय केवल और केवल जनता के कल्याण से प्रेरित होता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां केंद्र सरकार देशभर में सार्वजनिक संपत्तियों को कौड़ियों के भाव बेच रही है, वहीं पंजाब ने सार्वजनिक स्वामित्व को मजबूत कर एक अलग रास्ता चुना है। उन्होंने कहा, “ऐसे समय में जब देश की मूल्यवान सार्वजनिक संपत्तियां कुछ चुनिंदा लोगों के हवाले की जा रही हैं, पंजाब ने व्यापक जनहित में एक निजी ताप विद्युत संयंत्र खरीदकर इतिहास रच दिया है।”

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

इस समारोह की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज मोहाली में हमने 2,800 नए डिपो धारकों को लाइसेंस सौंपे हैं, जिससे हजारों परिवारों को आजीविका का नया साधन मिला है। यह केवल एक लाइसेंस नहीं, बल्कि लोगों की सेवा करने की एक पवित्र जिम्मेदारी है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “मैं आप सभी से अपील करता हूं कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी के साथ निष्पक्षता, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करें। बुजुर्गों, दिव्यांग व्यक्तियों और गरीब परिवारों की विशेष देखभाल और सहायता करना अपना कर्तव्य समझें।”

पोस्ट के अंत में लिखा था, “हमारी सरकार का प्रत्येक निर्णय जनता के कल्याण से प्रेरित होता है और करदाताओं से एकत्र किया गया एक-एक रुपया जनता के हित में खर्च किया जा रहा है। आइए, सेवा, ईमानदारी और विश्वास के साथ मिलकर एक ‘रंगला पंजाब’ का निर्माण करें।