किंशासा, 04 मई (कड़वा सत्य) पूर्वी कांगो पूर्वी कांगो के उत्तरी किवु प्रांत में विस्थापित लोगों के तीन शिविरों पर हुए हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गयी है और 35 अन्य लोग घायल हुए हैं।
एक स्थानीय अधिकारी ने शनिवार को बताया कि 23 मार्च मूवमेंट (एम23) के विद्रोहियों ने पूर्वी कांगो (डीआरसी) में आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (आईडीपी) के तीन स्थलों पर शुक्रवार को "लगभग 10" बम गिराए। उत्तरी किवु के सैन्य गवर्नर पीटर चिरिम्वामी ने कहा, "उत्तरी किवु के पूर्वी प्रांत की राजधानी गोमा के लैक वर्ट, लुशगाला और मुगुंगा इलाकों में आईडीपी साइटों पर हुए हमले में मरने वालों की संख्या अभी भी बढ़ सकती है।"
कांगो में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) के प्रतिनिधि एंजेल डिकॉन्गु-अटंगाना ने शुक्रवार देर रात कहा कि बमबारी में 12 लोग मारे गए हैं।
कांगो सरकार ने इन हमलों के लिए 23 मार्च मूवमेंट (एम23) के विद्रोहियों को दोषी ठहराया, जो कांगो की सेना के साथ संघर्षरत हैं और उत्तरी किवु में क्षेत्रों पर कब्जा कर चुके हैं।
इस हमले के बाद कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स शीसेकेदी अपना यूरोप दौरा बीच में ही रद्द करके वतन लौट गए। उन्होंने ने शुक्रवार को बेल्जियम में कांगो के प्रवासियों से कहा थाा, “मैं गारंटी देता हूं कि हम इस लड़ाई को जीतेंगे, चाहे कुछ भी करना पड़े।” डीआरसी में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (जिसे मोनुस्को के नाम से जाना जाता है) ने सभी पक्षों से नागरिकों के लिए जोखिम कम करने और मानवीय पहुंच बनाए रखने के लिए उचित उपाय करने का आह्वान किया।
गौरतलब है कि तीन चरण की प्रस्थान योजना के तहत संरा के ठिकानों और उपकरणों को डीआरसी सुरक्षा बलों को सौंपकर मोनुस्को के 2024 के अंत से पहले कांगो छोड़ने की उम्मीद है।
मोनुस्कोके प्रमुख बिंटौ कीटा ने शुक्रवार देर रात जारी एक बयान में कहा, “मैं संयुक्त राष्ट्र महासचिव के पूर्वी डीआरसी में सभी सशस्त्र समूहों से सभी शत्रुताएं तुरंत बंद करने, बिना शर्त अपने हथियार डालने और निरस्त्रीकरण, विमुद्रीकरण, सामुदायिक पुनर्वास और स्थिरीकरण कार्यक्रम में शामिल होने के आह्वान को दोहराता हूं।
संंतोष
कड़वा सत्य
पूर्वी कांगो में शरणार्थी शिविरों पर बमबारी में मरने वालों की संख्या 14 हुयी


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