कोलंबो, 22 सितंबर (कड़वा सत्य) श्रीलंका के चुनाव अधिकारियों ने शनिवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए आवश्यक 50 प्रतिशत से अधिक मत नहीं मिलने पर रविवार को दूसरी वरीयता की गणना करने का फैसला किया।
श्रीलंका के मीडिया आउटलेट ‘डेली मिरर’ की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग के अध्यक्ष आर.एल.ए.एम. रत्नायके ने यह घोषणा करते हुए कहा कि यह निर्णय राष्ट्रपति चुनाव अधिनियम 1981 के अनुरूप है। श्रीलंका के इतिहास में यह पहली बार है जब राष्ट्रपति का चुनाव करने के लिए वरीयता वोटों की गिनती की जा रही है। वर्ष 1982 के बाद से पिछले सभी नौ राष्ट्रपति चुनावों के दौरान विजेता का फैसला पहली वरीयता वोट के आधार पर किया गया था।
श्रीलंका के राष्ट्रपति चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को नहीं मिला 50 फीसदी वोट, होगी दूसरी वरीयता की मतगणना


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