नयी दिल्ली, 18 जुलाई (कड़वा सत्य) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बाजार में सभी प्रकार की आपूर्ति श्रृंखलाओं में काम करने वाले श्रमिकों के सम्मान और मानवाधिकार तथा श्रमिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित करते हुये, व्यावसायिक इकाइयों को अपनी संगठनात्मक संस्कृति में मानवाधिकार संरक्षण को एकीकृत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
आयोग द्वारा देश में ‘गरिमा की सुरक्षा: आपूर्ति श्रृंखलाओं में मानवाधिकार संबंधी जांच परख’ पर चर्चा करने के लिये व्यापार और मानवाधिकार पर आयोग के मुख्य समूह की बैठक में आयोग की कार्यवाहक अध्यक्ष विजया भारती सयानी ने व्यवसाय में श्रम अधिकारों और स्वस्थ विकास के लक्ष्यों (एसडीजी) के साथ-साथ व्यवसाय में लगे श्रमिकों के मानवाधिकारों का सम्मान करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एसडीजी के अधिकांश लक्ष्य मानव अधिकार दायित्वों के अनुरूप है।
गिग श्रमिकों के मानवाधिकार सुनिश्चित करने पर आयोग में विस्तृत चर्चा

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