नयी दिल्ली 25 अक्टूबर (कड़वा सत्य) विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं के लिए समान अवसरों की वकालत करने वाली प्रमुख आवाज़ों में से एक भौतिक विज्ञानी रोहिणी गोडबोले का शुक्रवार को निधन हो गया। वह 72 वर्ष की थीं।
पद्म श्री से सम्मानित श्रीमती गोडबोले 25 वर्षों से अधिक समय तक भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु में उच्च ऊर्जा भौतिकी केंद्र से जुड़ी रहीं। उन्होंने 2018 में सेवानिवृत्ति के बाद मानद प्रोफेसर के रूप में काम किया है। महाराष्ट्र के पुणे में जन्मी श्रीमती गोडबोले एसपी कॉलेज और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), बॉम्बे की पूर्व छात्रा थीं। बारह नवंबर 1952 को जन्मी श्रीमती गोडबोले ने 1979 में अमेरिका के स्टोनी ब्रूक्स विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।
प्रधानमंत्री ने श्रीमती गोडबोले के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक पर अपने शोक संदेश में कहा, "श्रीमती रोहिणी गोडबोले जी के निधन से बहुत दुःख हुआ। वह एक अग्रणी वैज्ञानिक और नवोन्मेषक थीं, जो विज्ञान की दुनिया में अधिक महिलाओं की वकालत करती थीं। उनके शैक्षणिक प्रयास आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति।"
संतोष अशोक
कड़वा सत्य
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