चंदौली: धानापुर पुलिस और साइबर टीम ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी तथा म्यूल बैंक खातों के संचालन में शामिल गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पूर्व बैंक कर्मचारी रोहित कुमार उर्फ काला और आशीष विश्वकर्मा शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, रोहित ने बैंक में नौकरी के दौरान 300 से अधिक खाते खुलवाए थे। इन खातों की साइबर फ्रॉड में संलिप्तता की जांच की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, अब तक चार बैंक खातों के प्रारंभिक विश्लेषण में इन खातों के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर 18 अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड शिकायतें सामने आई हैं। इनमें करीब 2.5 लाख रुपये की ठगी की रिपोर्ट है। जांच में नेटवर्क के आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा तक फैले होने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी गांवों के गरीब लोगों को प्रधानमंत्री मुद्रा लोन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर जीरो बैलेंस खाते खुलवाते थे। खाता खुलने के बाद खाताधारकों से एटीएम कार्ड, पासबुक और ओटीपी की जानकारी हासिल कर ली जाती थी। इसके बाद खातों की जानकारी अपने सहयोगियों तक पहुंचाई जाती थी।

इन खातों में फर्जी लोन वेबसाइट और भ्रामक विज्ञापनों के जरिए साइबर ठगी से हासिल रकम मंगाई जाती थी। बाद में एटीएम के माध्यम से रकम निकालकर गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। पहचान छिपाने के लिए कूटरचित आधार कार्ड का भी इस्तेमाल किया जाता था।

पूर्व बैंक कर्मचारी होने का उठाया फायदा

गिरफ्तार रोहित कुमार उर्फ काला पहले एक्सिस बैंक सकलडीहा में कर्मचारी था। पुलिस के अनुसार, उसने नौकरी के दौरान करीब 300 बैंक खाते खुलवाए थे। बैंक में संदिग्ध गतिविधियों के चलते नौकरी से निकाले जाने के बाद भी उसने बैंकिंग प्रक्रिया की जानकारी का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया। पुलिस अब उसके द्वारा पूर्व में खुलवाए गए सभी खातों की जांच कर रही है।

मामले की शुरुआत जनवरी 2024 में ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत से हुई थी। आरोप है कि रोहित और उसके सहयोगी ने ग्रामीणों को बैंक की विभिन्न सुविधाओं का लालच देकर खाते खुलवाए और एटीएम देने के नाम पर ओटीपी हासिल कर लिया।