बरेली: थाना मीरगंज क्षेत्र के गांव कुतकपुर गांव में खेत के ऊपर से गुजर रहे बिजली के झूलते तारों की चिंगारी से गन्ने के खेत में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब चार से पांच बीघा गन्ने की फसल जलकर राख हो गई। आग की घटना से किसानों में विद्युत विभाग के खिलाफ रोष व्याप्त है।

जानकारी के अनुसार विधवा नन्नी देवी के खेत में गन्ने की फसल खड़ी थी। अचानक खेत में आग लग गई। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक पूरी फसल जल चुकी थी।जिससे महिला को काफी आर्थिक नुकसान हो गया।

जिला पंचायत सदस्य निरंजन यदुवंशी का आरोप है कि खेत के ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइन जमीन से महज चार फीट की ऊंचाई पर रह गई थी। इसी वजह से तारों से निकली चिंगारी से गन्ने में आग लगी और पूरी फसल बर्बाद हो गई।उनका आरोप है कि बिजली के तारों को ऊंचा कराने के लिए बिजलीघर और संबंधित अधिकारियों से पीड़ित महिला ने कई बार मौखिक शिकायत की गई।

इसके अलावा लिखित प्रार्थना पत्र भी दिए गए, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। आरोप है कि लाइन ऊंची करने के लिए पैसों की मांग की गई और किसानों की शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया।

पीड़िता ने बताया कि अभी न तो कोल्हू चल रहे हैं और न ही चीनी मील शुरू हुई हैं। ऐसे में जली हुई गन्ने की फसल को बेचने और खपाने की समस्या भी खड़ी हो गई है। किसानों ने नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने और बिजली लाइन को तत्काल ऊंचा कराने की मांग की है।