नयी दिल्ली, 04 सितंबर (कड़वा सत्य) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को अपने उस फैसले को टालने पर सहमति जताई, जिसमें कहा गया था कि सुनवाई के दौरान अदालत में शारीरिक रूप से या ऑनलाइन मौजूद रहने वाले अधिवक्ता ही अदालत के रिकॉर्ड में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।
न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कपिल सिब्बल के विशेष उल्लेख कर मुद्दे को सुलझाने के गुहार पर 29 अगस्त को पारित अपने आदेश को टालने पर सहमति जताई। पीठ ने आदेश को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं की उपस्थिति संबंधी अपने आदेश पर लगाई रोक

दिल्ली के तिगड़ी से मुक्त कराए गए 11 बाल श्रमिक, सबसे छोटा 6 साल का, चिप्स-बिस्कुट देकर करा रहे थे काम

AI हमारी जिंदगी आसान कर रहा या सोचने की आदत छीन रहा? Harari से लेकर Anthropic रिसर्चर तक ने उठाए सवाल

उत्तरप्रदेश: नवागत डीएम ने संभाली स्वच्छता की कमान, बलिया को कूड़ा मुक्त बनाने के निर्देश

