नयी दिल्ली, 11 सितंबर (कड़वा सत्य) उच्चतम न्यायालय ने हल्द्वानी में रेलवे संपत्तियों पर कथित रूप से अतिक्रमण करने वाले लगभग 50,000 लोगों के पुनर्वास के लिए ठोस प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए केंद्र सरकार को बुधवार दो महीने की मोहलत दी।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ हल्द्वानी में रेलवे संपत्तियों पर कथित रूप से अतिक्रमण करने वाले लगभग 50,000 लोगों को बेदखल करने पर रोक लगाने वाले आदेश में संशोधन की मांग करने वाली केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया।
हल्द्वानी में अतिक्रमणकारियों के पुनर्वास प्रस्ताव के लिए दो महीने की मोहलत

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