Bihar Mensural Health Policy: 'विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस' के अवसर पर, महिला खिलाड़ियों को खेल के दौरान मासिक धर्म से होने वाली समस्याओं और इसके समाधानों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से,आज पाटलिपुत्र खेल परिसर के इंडोर हॉल में एक जागरुकता सेमिनार का आयोजन किया गया। बिहार ओलंपिक संघ एवं ब्लीडिंग ब्लूज एनजीओ के द्वारा बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, पटना के सहयोग से आयोजित इस सेमिनार में विशेषज्ञ और प्रमुख वक्ता के रूप में बिहार पुलिस अकादमी की निदेशिका श्रीमती आर. मल्लार विजी, डॉ दिव्या सिंह अर्जुन पुरस्कार विजेता (बास्केटबॉल), श्रीमती नेहा सिंह संस्थापक, ब्लीडिंग ब्लूज, डॉ रितु राज स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ प्रिया मनोवैज्ञानिक सलाहकार उपस्थित रहीं। श्रीमती विजी ने अपने संबोधन में खिलाडियों को समझाया कि खेल के दौरान मासिक धर्म की समस्या से खिलाडियों को मानसिक और शारीरिक दोनों समस्याओं से निपटना पड़ता है ऐसे में उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ साथ उनके परिवार, प्रशिक्षक और साथी खिलाडियों द्वारा सहयोग और प्रोत्साहन भी बहुत जरूरी है ताकि वे अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर सकें। परिवार में भी महिला सदस्यों को इसके बारे में चर्चा कर इसके प्रति ल़डकियों को जागरूक करना चाहिए। ब्लीडिंग ब्लूज की संस्थापक श्रीमती सिंह ने बताया कि मासिक धर्म और इससे उत्पन्न होने वाली परेशानियों और समाधानों के बारे में चर्चा जरूर होनी चाहिए, ल़डकियों को इसके बारे में बतानी चाहिए और पुरुष सहयोगियों एवं प्रशिक्षकों को भी इसकी जानकारी होनी चाहिए ताकि वो परिस्थिति को समझते हुए यथोचित सहयोग कर सकें। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है कोई शारीरिक बीमारी या सामाजिक बुराई नहीं जो इसे छुपा कर रखी जाए या इसके बारे में चर्चा ना की जाए। चर्चा द्वारा ल़डकियों और महिलाओं को को जागरूक कर ही इसके कारण होने वाली शारीरिक और मानसिक परेशानियों से निजात पाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान, सिम्पली स्पोर्ट्स फाउंडेशन की कार्यक्रम प्रमुख अदिति मुताटकर और क्रैनबेरी की सह-संस्थापक अदिति डिमरी ने ऑनलाइन माध्यम से इस संदर्भ में अपनी जानकारी दी । सेमिनार में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रवीन्द्रण शंकरण ने कहा कि सरकार के साथ मिलकर बिहार ओलंपिक एसोसिएशन ने इस कार्यक्रम को आयोजित करने की एक ऐतिहासिक पहल की है। आज के समय में महिला खिलाड़ियों के लिए मासिक धर्म से संबंधित परेशानियों और इसके समाधानों के बारे में जागरूक होना और जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। आगे उन्होंने कहा कि महिला खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के स्वास्थ्य ,पोषण तथा बीमारियों के समुचित देखभाल के लिए बिहार ओलंपिक एसोसिएशन के सहयोग से सरकार द्वारा राजगीर और पटना में 'हाइब्रिड फिमेल एथलेट वेलनेस सेंटर' बनाया जाएगा । साथ ही साथ महिला खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए 'बिहार मेंसूरल हेल्थ पॉलिसी' लाने की भी योजना है जो संभवतः देश में पहली बार बिहार द्वारा ही लायी जा रही है । बिहार ओलंपिक एसोसिएशन के अनुरोध पर पाटलिपुत्र खेल परिसर में एसोसिएशन के लिए एक ऑफिस की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि वे सुचारु रूप से अपने खेल संबंधी कार्यों का संचालन कर सकें। इस सेमिनार में कई महिला खिलाडियों ने इससे उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर आधारित अपने अनुभव साझा किए तथा जागरुकता से होने वाले सकारात्मक प्रभावों का भी जिक्र किया। विशेषज्ञों ने भी मासिक धर्म के समय शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए कई उपयोगी सुझाव खिलाडियों के साथ साझा किए। इस सेमिनार में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रवीन्द्रण शंकरण ,बिहार ओलंपिक संघ के अध्यक्ष श्री अजय कुमार ,मानद सचिव श्री प्रदीप कुमार ,रग्बी इंडिया के अध्यक्ष श्री राहुल बोस तथा बड़ी संख्या में महिला खिलाड़ी भी उपस्थित रहे।
Bihar Mensural Health Policy: बिहार बना देश का पहला राज्य, जो लाएगा महिला खिलाड़ियों के लिए मेंस्ट्रुअल हेल्थ पॉलिसी! जानिए सेमिनार में क्या हुआ खास

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