औरंगाबाद: ओबरा प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, गौरी-सोनबरसा में दर्जनों ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापिका अलका कुमारी के विरुद्ध मनमानी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और विद्यालय कार्यालय में ताला जड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापिका अपनी मर्जी से विद्यालय का संचालन कर रही हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, ओबरा विधायक डॉ. प्रकाश चंद्र द्वारा चंदन कुमार सिंह को विद्यालय प्रबंध समिति का सचिव मनोनीत किया गया था, लेकिन विद्यालय के विकास से संबंधित किसी भी कार्य में उनसे राय नहीं ली जाती है। इस आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन का नेतृत्व विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव चंदन सिंह ने किया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि 15 अगस्त के अवसर पर भी विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव को विद्यालय में आमंत्रित नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार वरीय पदाधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है। उनका कहना है कि विद्यालय में लाइट, सीसीटीवी कैमरा और चारदीवारी की व्यवस्था जरूरी है, ताकि असामाजिक तत्व किसी अप्रिय घटना को अंजाम न दे सकें। इसके अलावा कंप्यूटर की पढ़ाई नहीं होने से छात्र-छात्राओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी से प्रधानाध्यापिका का स्थानांतरण दूसरे विद्यालय में करने और विद्यालय में आवश्यक विकास कार्य शुरू कराने की मांग की है।
हंगामे और तालाबंदी की सूचना मिलने पर प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जूही कुमारी को मामले की जानकारी दी गई। सूचना पर पहुंचीं जूही कुमारी ने बताया कि ग्रामीणों को समझा-बुझाकर ताला खुलवा दिया गया है। प्रधानाध्यापिका को उक्त विद्यालय से हटाकर दूसरे विद्यालय में पदस्थापित करने के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई का प्रयास किया जाएगा। साथ ही विद्यालय में जरूरी विकास कार्य कराए जाएंगे। इधर, प्रधानाध्यापिका अलका कुमारी ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है।





