पटना। बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) को पावर सेक्टर में इंडक्शन स्किलिंग में उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित "Skill Excellence Award 2026 for Power Sector" से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित VOLT (Vocational Occupational Learning & Training) कार्यक्रम के तहत PSSC की इंडस्ट्री कंसल्टेशन वर्कशॉप में प्रदान किया गया।
BSPHCL की ओर से ट्रेनिंग को-ऑर्डिनेटर-कम-कंसल्टेंट श्री अशोक कुमार ने पुरस्कार ग्रहण किया। पुरस्कार केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के चेयरपर्सन एवं पावर सेक्टर स्किल काउंसिल (PSSC) के प्रेसिडेंट, श्री घनश्याम प्रसाद द्वारा प्रदान किया गया। कार्यक्रम में पावर सेक्टर के वरीय अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
यह पुरस्कार पावर सेक्टर के वरिष्ठ विशेषज्ञों एवं अधिकारियों की ज्यूरी द्वारा BSPHCL की सुव्यवस्थित इंडक्शन स्किलिंग पहल के लिए प्रदान किया गया। इस पहल के तहत कंपनी के 1,900 नवनियुक्त तकनीशियनों को प्रशिक्षण देकर विद्युत क्षेत्र में कार्य के लिए तैयार किया गया। मानकीकृत प्रशिक्षण एवं तकनीकी कर्मियों के बेहतर ऑनबोर्डिंग की दिशा में BSPHCL की इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि माना गया है।

ऊर्जा सचिव-सह-अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, BSPHCL, श्री अजय यादव (भा.प्र.से.) ने कहा कि "Skill Excellence Award 2026 for Power Sector" BSPHCL के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 1,900 तकनीशियनों की इंडक्शन स्किलिंग के माध्यम से हमने कुशल, सुरक्षित और जिम्मेदार तकनीकी मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भविष्य में भी कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए प्रशिक्षण व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा।
यह सम्मान BSPHCL द्वारा कुशल एवं प्रशिक्षित विद्युत मानव संसाधन तैयार करने तथा नवनियुक्त तकनीकी कर्मियों के लिए प्रभावी और मानकीकृत प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने के प्रयासों को मिली महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहचान है।
BSPHCL द्वारा पिछले कुछ वर्षों में केंद्रीयकृत रूप से अपने तकनीकी एवं अन्य कर्मियों की दक्षता बढ़ाने के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग, तकनीकी प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, कौशल उन्नयन तथा कार्यस्थल आधारित प्रशिक्षण सहित कई कार्यक्रम संचालित किए गए हैं। बदलती तकनीक और विद्युत क्षेत्र की नई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों को नवीन तकनीकों, सुरक्षा मानकों, परिचालन प्रक्रियाओं एवं आधुनिक विद्युत प्रणाली के अनुरूप प्रशिक्षित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।





