बैतूल: जिले में अल्प वर्षा के साथ जंगली सुअरों का खतरा अब किसानों की फसलों पर मंडरा रहा है। मामला आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र के ग्राम अम्बाडा का है जहां जंगली सुअरों ने किसानों के खेतों में लगी मक्का मुंगफली फ़सल को बर्बाद कर दिया। फसल उत्पादन के पुर्व ही किसानों को लाखों रुपए का नुक्सान उठाना पड़ रहा है। जबकि राजस्व और वन विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

अम्बाडा गांव के किसान विरेंद्र धोटे, श्री भोपते ने बताया कि दिन में तो हम किसान खेतों में जंगली सुवरों से फसलों की सुरक्षा कर लेते हैं परन्तु रात्रि में सुवर खेतों में लगी मक्का और मुंगफली की फसलों को जबरदस्त बर्बाद कर रहे हैं। हालात ऐ है कि खेतों में लगाईं फसल की लागत तक निकल पाना मुश्किल है। ऐसे में किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार किसानों ने बताया कि जब नुक्सान को लेकर पटवारी और राजस्व विभाग को बताया गया तो उन्होंने वन विभाग का हवाला देते हुए कहा कि जंगली सुअरों का मामला वन विभाग अंतर्गत आता है आप हुएं नुक्सान की शिकायत वन विभाग को दो। अब सवाल उठता है कि जब खेतों में नील गाय और जंगली सुअरों की जानकारी प्रशासन और वन विभाग को है परन्तु इसके बावजूद वह कोई सुरक्षा के इंतजार नहीं है। किसानों द्वारा खेती के लिए लिया गया ऋण और परिवार का भरण पोषण एक बड़ी चुनौती है। अब किसानों ने हुएं नुक्सान की भरपाई के लिए शासन प्रशासन से मांग की है।

किसानों की मांग है कि जब जंगली सुअर और नील गाय वन विभाग अंतर्गत आते हैं तो वन विभाग को इनकी जिम्मेदारी उठानी चाहिए ताकि किसानों की वर्ष भर की मेहनत खराब ना हो आलम यही रहा तो सैकड़ों किसान बर्बाद हो जाएंगे। चुकी इन किसानों की आय मात्र खेती है।