उज्जैन: उज्जैन में जलती चिता के पास मानव मांस खाने का VIDEO वायरल होने के बाद काली नंद गिरी फिर सुर्खियों में है। लेकिन अब उसके पुराने विवाद भी सामने आ रहे हैं। श्मशान में रहने वाले तांत्रिक विष्णुनाथ महाराज का दावा है कि काली नंद गिरी की पहले पहचान अल्लूरी श्रीनिवास के नाम से थी और बाद में जेंडर रीअसाइनमेंट के बाद उसने किन्नर के रूप में पहचान बनाई। इसके बाद सोशल मीडिया पर वह ‘लेडी अघोरी’ के नाम से चर्चित हुई।
काली नंद गिरी पर तेलंगाना में एक युवती से शादी को लेकर विवाद और तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर 10 लाख रुपए लेने के आरोप भी सामने आए हैं। 2025 में वर्षिणी नाम की युवती से शादी के VIDEO वायरल होने के बाद भी मामला चर्चा में रहा।

अब उज्जैन में वायरल VIDEO के बाद तांत्रिक विष्णुनाथ महाराज की शिकायत पर पुलिस ने BNS की धारा 301 के तहत मामला दर्ज कर काली नंद गिरी को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने उसे 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
हालांकि, उसकी पुरानी पहचान, जेंडर रीअसाइनमेंट और पुराने आरोपों से जुड़े दावों की अंतिम पुष्टि संबंधित पुलिस रिकॉर्ड और न्यायालयीन दस्तावेजों से होना बाकी है। यानी उज्जैन की चिता से शुरू हुआ विवाद अब काली नंद गिरी के पुराने अध्याय भी खोल रहा है।





