​मथुरा: गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर एक अद्भुत और सुखद नजारा देखने को मिला। शनिवार दोपहर प्लेटफॉर्म संख्या 6 (आगरा छोर) पर यात्रा कर रही एक महिला को अचानक प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद उसने प्लेटफॉर्म पर ही एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। रेलवे प्रशासन, RPF और मेडिकल टीम की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता के चलते जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।

​दोपहर में आरपीएफ सीसीटीवी कंट्रोल रूम की नजर प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर पड़ी, जहाँ एक महिला को गंभीर चिकित्सा सहायता की जरूरत महसूस हो रही थी। आरपीएफ ने तुरंत इसकी सूचना उप स्टेशन प्रबंधक (कॉमर्शियल) को दी। सूचना मिलते ही स्टेशन प्रशासन हरकत में आया और बिना एक पल गंवाए रेलवे अस्पताल को अलर्ट किया गया।

​​सूचना मिलते ही रेलवे अस्पताल के डॉ. अभय अपनी मेडिकल टीम के साथ सीधे प्लेटफॉर्म संख्या 6 पर पहुंचे। टीम के पहुंचने से ठीक पहले महिला का प्रसव हो चुका था। डॉ. अभय और उनकी टीम ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जच्चा और नवजात बच्ची को प्लेटफॉर्म पर ही आवश्यक प्राथमिक उपचार प्रदान किया। इसके बाद RPF और वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों की मदद से दोनों को बेहतर इलाज के लिए एम्बुलेंस से जिला अस्पताल मथुरा रेफर कर दिया गया।

​​प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रसूता महिला की पहचान धनकुंवर (उम्र 35 वर्ष), निवासी बैरवारा (जनपद ललितपुर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। वह अपने पति के साथ बावल (हरियाणा) से मथुरा जंक्शन की यात्रा कर रही थीं, जहाँ से उन्हें आगे ललितपुर जाना था। प्लेटफॉर्म पर नन्ही परी के जन्म लेते ही परिजनों के चेहरे पर खुशी और राहत की लहर दौड़ गई।

​उत्तर मध्य रेलवे, आगरा मंडल ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रेल प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। आपातकालीन स्थिति में रेलवे कर्मचारियों, आरपीएफ, वाणिज्य विभाग और मेडिकल टीम द्वारा दिखाई गई तत्परता और मानवीय सेवा भावना के कारण ही एक माँ और उसकी नवजात बच्ची की जान सुरक्षित रह सकी।