मुरैना। शिवपुरी और श्योपुर के जंगल क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश का असर अब मुरैना जिले में दिखाई देने लगा है। बारिश के चलते जिले की नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। हालात को देखते हुए कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड ने जौरा और कैलारस क्षेत्र के कई डूब प्रभावित गांवों का भ्रमण कर मौके पर स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कई ऐसे इलाकों में पहुंचे, जहां जलभराव के कारण रास्ते दलदल में तब्दील हो गए थे। ग्रामीणों तक पहुंचने के लिए उन्होंने जलभराव और दलदल से भरे रास्ते को मोटरसाइकिल से पार किया। इसके बाद कई स्थानों पर वे कीचड़ भरे रास्तों पर पैदल चलते हुए भी नजर आए। कलेक्टर के इस तरह मौके पर पहुंचने से प्रशासनिक अमले की सक्रियता साफ दिखाई दी।
कलेक्टर ने प्रभावित गांवों में ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने जलभराव, आवागमन, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और बारिश के कारण उत्पन्न परेशानियों की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाए।
बताया जा रहा है कि शिवपुरी और श्योपुर के जंगल क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण मुरैना जिले की नदियों और नालों में पानी बढ़ रहा है। इससे जौरा और कैलारस क्षेत्र के नदी किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को नदी, नाले और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की समझाइश दी जा रही है।लगातार बारिश को देखते हुए मुरैना जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रशासन और पुलिस की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रखी गई हैं।





