शिवपुरी: नरवर दुर्ग के कचहरी महल से चोरी हुई ऐतिहासिक तोप की बरामदगी और किले की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग को लेकर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन नरवर-मगरौनी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा।

यह ज्ञापन तहसीलदार करेरा के माध्यम से प्रेषित किया गया।ज्ञापन में कहा गया है कि हाल ही में विश्व प्रसिद्ध नरवर दुर्ग से ऐतिहासिक तोप की चोरी की घटना ने पूरे क्षेत्र के लोगों को आहत और चिंतित कर दिया है। संगठन ने इसे केवल एक धातु की वस्तु की चोरी नहीं, बल्कि प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय धरोहर पर हमला बताया है।

एसोसिएशन ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि नरवर दुर्ग सदियों से भारतीय संस्कृति, वीरता और गौरव का प्रतीक रहा है तथा यहां स्थित ऐतिहासिक धरोहरें आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक गंभीर चिंता का विषय है।

एसोसिएशन ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि नरवर दुर्ग सदियों से भारतीय संस्कृति, वीरता और गौरव का प्रतीक रहा है तथा यहां स्थित ऐतिहासिक धरोहरें आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक गंभीर चिंता का विषय है।

संगठन ने मुख्यमंत्री से पांच प्रमुख मांगें चोरी हुई ऐतिहासिक तोप की शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित की जाए, घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो, नरवर दुर्ग में सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा कर्मी और नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए, कचहरी महल सहित सभी पुरातात्विक धरोहरों का सर्वेक्षण कर सुरक्षित संरक्षण किया जाए, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी सुरक्षा योजना लागू की जाए रखीं।

ज्ञापन पर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन नरवर-मगरौनी के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। संगठन ने विश्वास जताया कि मध्य प्रदेश शासन इस गंभीर विषय को प्राथमिकता देते हुए ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा के लिए त्वरित कदम उठाएगा।