शाजापुर : जिले बोलाई सहित आसपास के गांवों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती के विरोध में सोमवार दोपहर 12:30 बजे किसानों, व्यापारियों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर गुलाना स्थित विद्युत मंडल कार्यालय पहुंचे और कार्यालय का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान "भारतीय जनता पार्टी मुर्दाबाद" और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए। इसके बाद कनिष्ठ अभियंता मनोज मालवीय को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सात दिन के भीतर व्यवस्था सुधारने की मांग की गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांवों में सुबह से शाम तक घंटों बिजली काटी जा रही है। दिन की कटौती अलग है, वहीं रात में भी आधे-आधे घंटे के अंतराल पर शेड्यूल और मेंटेनेंस के नाम पर बिजली बंद कर दी जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि न तेज हवा चल रही है और न ही बारिश हो रही है, फिर भी लगातार बिजली बंद की जा रही है। इससे किसानों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, व्यापार चौपट हो रहा है और आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि तहसील कार्यालय, बैंक और अन्य सरकारी कार्यालयों में बिजली जाने से कामकाज भी प्रभावित होता है। बिजली बंद होते ही लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बोलाई नगर में कई ट्रांसफार्मर जर्जर हो चुके हैं और मुख्य मार्गों पर बिजली की केबलें व तार नीचे लटक रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग ने कोई सुधार कार्य नहीं कराया। साथ ही कुछ विद्युत कर्मचारियों पर उपभोक्ताओं और किसानों से अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया गया।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर ग्रामीण क्षेत्रों में ही लगातार बिजली कटौती क्यों की जा रही है, जबकि शहरी क्षेत्रों में ऐसी स्थिति देखने को नहीं मिलती। उनका कहना था कि गांवों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सात दिन के भीतर अघोषित स्थति में सुधार नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जायेगा





