बांदा।बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास शराब ठेके के अंदर 32 वर्षीय सेल्समैन की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। जिस ठेके पर दिन-रात मेहनत कर दिनेश अपने परिवार का सहारा बना हुआ था, उसी ठेके के अंदर उसका शव तखत पर पड़ा मिला। घटना की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और मृतक के गांव में मातम छा गया।
मृतक की पहचान दिनेश कुमार प्रजापति पुत्र राममिलन उर्फ लल्लू निवासी गर्गपुर, मौजा चंदौर के रूप में हुई है। दिनेश करीब छह-सात वर्षों से शराब ठेके पर सेल्समैन का काम कर रहा था और अविवाहित था। परिजनों के मुताबिक वह परिवार का बड़ा बेटा और दिव्यांग था।
बंद दरवाजा, खुला कमरा और तखत पर लाश… उठे कई सवाल
घटना स्थल की परिस्थितियों ने मामले को और रहस्यमय बना दिया। बताया गया कि ठेके की बाहरी बाउंड्री का दरवाजा अंदर से बंद था, जबकि अंदर कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। कमरे में तखत पर दिनेश का शव पड़ा मिला।इन परिस्थितियों को देखते हुए परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ठेके के अंदर दिनेश की मौत कैसे हुई?
पिता का दावा—तीन महीने से बंद था CCTV, बेटे पर बनाया जा रहा था दबाव
मृतक के पिता राममिलन उर्फ लल्लू ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ठेके पर लगा सीसीटीवी कैमरा करीब तीन महीने से बंद था। पिता का आरोप है कि पैसे को लेकर ठेकेदार उनके बेटे पर दबाव बनाता था और उसे कथित तौर पर धमकियां भी दी जा रही थीं।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिनेश को दिन-रात ठेके पर रहने के लिए मजबूर किया जाता था। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
छह-सात साल से इसी ठेके पर कर रहा था काम
प्रधान प्रतिनिधि कमलेश कुमार यादव ने बताया कि दिनेश लंबे समय से शराब ठेके पर सेल्समैन के रूप में काम कर रहा था। वह अविवाहित था और अपने पिता का बड़ा बेटा था। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने खंगाला घटनास्थल
सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष बदौसा राधाकृष्ण तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।पुलिस उपाधीक्षक अतर्रा प्रतिभा सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए।





