बांदा। खाद के लिए टोकन लेने पहुंचे किसानों का गुरुवार को मुरवल में सब्र जवाब दे गया। बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समिति ग्रामीण मुरवल में टोकन वितरण में देरी और सही जानकारी नहीं मिलने से नाराज किसानों ने हंगामा करते हुए सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। देखते ही देखते सड़क पर किसानों की भीड़ जुट गई और यातायात थम गया।
खाद चाहिए थी, मिला इंतजार!
सुबह से बड़ी संख्या में किसान खाद लेने के लिए समिति पहुंचे थे। किसानों का आरोप था कि उन्हें यह तक स्पष्ट नहीं बताया जा रहा था कि टोकन कब मिलेंगे, कितने टोकन बांटे जाएंगे और खाद कितनी उपलब्ध है। घंटों इंतजार के बाद किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क पर बैठकर विरोध शुरू कर दिया।
पुलिस पहुंची, बातचीत के बाद माने किसान
जाम की सूचना मिलते ही पुलिस चौकी इंचार्ज शैलेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और टोकन वितरण की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। पुलिस के समझाने और व्यवस्था शुरू कराने के भरोसे के बाद किसानों ने करीब 30 मिनट बाद जाम खोल दिया।
जाम खुलते ही शुरू हुआ टोकन वितरण
किसानों के सड़क से हटते ही मौके पर टोकन वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इसके बाद किसानों ने राहत की सांस ली और यातायात भी सामान्य हो गया।
किसानों का सवाल—खाद के लिए कब तक लगानी पड़ेगी लाइन?
किसानों का कहना है कि खाद की जरूरत के समय उन्हें टोकन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि खाद की उपलब्धता और टोकन वितरण को लेकर पहले से स्पष्ट सूचना नहीं दी जाती।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि खाद वितरण से पहले सार्वजनिक रूप से बताया जाए कि कितनी खाद उपलब्ध है, कितने टोकन बांटे जाएंगे और वितरण का समय क्या रहेगा। किसानों का कहना है कि पारदर्शी व्यवस्था होने से भीड़, अफरातफरी और विवाद से बचा जा सकता है।
किसानों ने दो टूक कहा—खेत में फसल बचानी है तो समय पर खाद चाहिए, टोकन के लिए सड़क पर बैठना नहीं।





