चंदौली: शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना के लिए नगर के विभिन्न देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह से ही भक्तों के मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर मां दुर्गा के जयकारों से गूंज उठा।

 

नवरात्रि के अवसर पर भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने मंदिर पहुंचकर मां चंद्रघंटा के चरणों में शीश नवाया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मां को पुष्प, नारियल, चुनरी तथा प्रसाद अर्पित किया। मंदिरों में भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा। मां के जयकारों के बीच श्रद्धालु भक्तिभाव में लीन नजर आए।

 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा अपने भक्तों को साहस, शक्ति और निर्भयता प्रदान करती हैं। मां के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित होने के कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। देवी का यह स्वरूप शांति, साहस और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां की आराधना करने वाले भक्तों को भय और संकटों से लड़ने की शक्ति मिलती है।

 

नवरात्रि के तीसरे दिन मंदिरों में सुबह से ही धार्मिक गतिविधियां चलती रहीं। पूजा-अर्चना और माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां से सभी के कल्याण और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। नवरात्रि को लेकर नगर में धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला।