​रायबरेली: मां की गड़ासे से काटकर निर्मम हत्या करने और साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को जलाने के सनसनीखेज मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने दोषी बेटे को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा न करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

​मामला ऊंचाहार थाना क्षेत्र के पूरे ठकुराइन मजरे उसरैना गांव का है। घटना 5 जून 2024 की है। गांव निवासी सुशीला अपने घर में सो रही थीं। उसी दौरान उनका पति लवकुश शर्मा और छोटा बेटा संदीप बाइक की नंबर प्लेट लगवाने के लिए सलोन गए हुए थे। घर में महिला को अकेला पाकर उनके बड़े बेटे कुलदीप शर्मा ने गड़ासे से ताबड़तोड़ वार कर मां की हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने मामले को छिपाने के उद्देश्य से घर के पीछे शव पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।

​धुआं उठते देख पहुंचे थे ग्रामीण

घर के पिछले हिस्से से अचानक तेज धुआं उठता देख आसपास के ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने जब देखा तो सन्न रह गए। सूचना पाकर तत्काल मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जलती आग को बुझाकर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

​गैर-इरादतन हत्या की दर्ज हुई थी प्राथमिकी

घटना के बाद मृतका के पति लवकुश शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी बेटे कुलदीप के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और विवेचना पूरी कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।

अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने कुलदीप को दोषी करार दिया। मंगलवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए दोषी को सात साल के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।