बलिया: बलिया जिले में शहीद भाजपा कार्यकर्ता विनोद राय की शहादत को लेकर अब राजनीतिक सरगर्मी में तेज हो गई है। फेफना विधानसभा सीट से सियासी जमीन मजबूत करने की होड़ में एक तरफ जहां पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी सक्रिय है, वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी छोड़कर हाल ही में भाजपा का दामन थामने वाले पूर्व मंत्री नारद राय भी इस मुद्दे पर पूरी तरह से मैदान में उतर आए हैं। दोनों ही नेता आगामी चुनाव में फेफना से भाजपा के टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। जिसके चलते इस शहादत की आड़ में राजनीतिक हलचल काफी बढ़ गई है।

 

श्रद्धांजलि सभा में उमड़ी भीड़, नारद राय ने उठाया न्याय का मुद्दा

शहीद विनोद राय के शहादत दिवस की पूर्व संध्या पर नरही, नारायणपुर, लक्ष्मणपुर और सुहांव क्षेत्र से सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण और समर्थक श्रद्धांजलि देने नारद राय के आवास पर पहुंचे। इस दौरान पूर्व मंत्री नारद राय ने घटना को याद करते हुए कहा कि जब यह घटना हुई थी, तब वह सरकार में मंत्री थे और उन्होंने सामाजिक राजनीतिक तौर पर अपने दायित्व का पूरा निर्वहन किया था। उन्होंने बताया कि विनोद राय की कमी को तो कोई पूरा नहीं कर सकता, लेकिन उन्होंने उनके परिवार की मदद करते हुए पत्नी को सरकारी नौकरी दिलाई थी और उसी आंगन में यह घोषणा की थी कि हत्यारों को सजा दिला कर रहेंगे।

 

परिवार को नहीं मिल रहा न्याय

नारद राय ने आगे कहा कि समय बीतता गया और दोषियों को सजा नहीं मिल पाई। बीच में सरकारे बदली लेकिन पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया, ग्रामीण और खास तौर पर मुकदमा दर्ज करने वाले विनोद राय के भतीजे गोपाल राय द्वारा जो बातें सामने आई उससे उन्हें लगा कि पीड़ित परिवार को अब तक न्याय नहीं मिला है। उन्होंने ऐलान किया कि वह स्थानीय जनप्रतिनिधियों- उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह, सांसद नीरज शेखर, पूर्व सांसदों और संगठन के वरिष्ठ लोगों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और दोषियों को कड़ी सजा तथा परिवार को न्याय दिलाने की मांग करेंगे।

 

कहा मैं तो सिर्फ दुख व्यक्त कर सकता हूं कि अभी तक दोषी पकड़े नही गए। जितनी जल्दी हो सके दोषी पकड़े जाएंगे। न्याय तभी होगा जब विनोद राय का परिवार हमारे साथ इस लड़ाई को लड़ने के लिए तैयार होगा।