नयी दिल्ली 22 अगस्त (कड़वा सत्य) देश में आणविक जीव विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान के अग्रदूत प्रोफेसर गोविंदराजन पद्मनाभन को गुरुवार को प्रतिष्ठित विज्ञान रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इसके अलावा विज्ञान श्री, विज्ञान युवा शांति स्वरूप भटनागर और विज्ञान टीम श्रेणी में प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को 33 पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित एक पुरस्कार समारोह में राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार-2024 प्रदान किए। उन्होंने देश में आणविक जीव विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान के अग्रदूत प्रोफेसर गोविंदराजन पद्मनाभन को विज्ञान रत्न पुरस्कार प्रदान किया। यह पुरस्कार विज्ञान और प्रौद्योगिकी के किसी भी क्षेत्र में आजीवन योगदान देने वाले वैज्ञानिकों को प्रदान किया जाता है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले 13 वैज्ञानिकों को उनके संबंधित क्षेत्रों में पथ-प्रदर्शक अनुसंधान के लिए विज्ञान श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान देने वाले 18 वैज्ञानिकों को विज्ञान युवा शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार प्रदान किये गये। ये पुरस्कार हिंद महासागर में बढ़ रहे तापमान और इसके परिणामों पर अध्ययन से लेकर स्वदेशी 5 जी बेस स्टेशन और संचार तथा क्वांटम यांत्रिकी के सटीक परीक्षणों तक के क्षेत्रों में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिये गये। चंद्रयान-3 की टीम को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास चंद्रयान-3 लैंडर की सफल लैंडिंग के लिए विज्ञान टीम पुरस्कार प्रदान किया गया। यह पुरस्कार विज्ञान और प्रौद्योगिकी के किसी भी क्षेत्र में अभूतपूर्व शोध के लिए तीन या अधिक वैज्ञानिकों की टीम को दिया जाता है।
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कड़वा सत्य
गोविंदराजन पद्मनाभन प्रतिष्ठित विज्ञान रत्न पुरस्कार से सम्मानित

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