नयी दिल्ली, 06 सितंबर (कड़वा सत्य) जलवायु परिवर्तन भारत में 85 प्रतिशत से अधिक जिले चक्रवात, बाढ़, सूखे और गर्मी के संकट से प्रभावित रहते हैं और जलवायु परिवर्तन से ऐसी प्राकृतिक आपदायें अधिक विनाशकारी होती जा रही हैं। यह बात आईपीई ग्लोबल और एसरी-इंडिया की शुक्रवार को जारी एकअध्ययन रिपोर्ट में कही गयी है।
अध्ययन में यह भी पाया गया है कि देश के 45 प्रतिशत जिले जो कभी सूखा-प्रवण होते थे, वहां बाढ़ का प्रकोप दिखने लगा है , इसी तरह जहां पहले बाढ़ की प्रवणता थी वहां सूखे के प्रकोप ने स्थान लेना शुरू कर दिया है। आईपीई ग्लोबल में जलवायु परिवर्तन और स्थिरता संबंधी कार्य-प्रभाग के प्रमुख और इस अध्ययन रिपोर्ट के लेखक अविनाश मोहंती ने कहा,
‘ देश के 85 प्रतिशत से अधिक जिले चक्रवात, बाढ़, सूखे और गर्मी के संकट से प्रभावित ’

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