नयी दिल्ली, 11 फरवरी (कड़वा सत्य) सामाजिक कार्यकर्ता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने रविवार को यहां कहा कि युवाओं के अंदर बड़े सपने देखने के लिये एक विराट शक्ति है। उस पर विश्वास कर अपने सपनों को पूरा करने के रास्ते पर आगे बढ़ें।
राजधानी में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में उनकी पुस्तक ‘सपनों की रोशनी’ के लोकार्पण के अवसर पर उन्होंने यह बात कही। ‘सपनों की रोशनी’ नोबेल विजेता द्वारा 50 साल पहले 17 वर्ष की उम्र में लिखी गई डायरी पर आधारित है। इस किताब के नौ अध्यायों में सफलता के नौ सूत्र हैं। इस पुस्तक को प्रभात प्रकाशन से प्रकाशित की गयी है।
नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी की किताब ‘सपनों की रोशनी’ का लोकार्पण

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