नयी दिल्ली,05 सितंबर (कड़वा सत्य) केंद्रीय आयुष मंत्री प्रताप राव जाधव ने गुरुवार को कहा कि आयुष पद्धति के चिकित्सक की पात्रता प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय निकास परीक्षा (नेक्स्ट) का प्रावधान शैक्षिक सत्र वर्ष 2021-22 तथा उसके बाद से लागू किया जाएगा।
श्री जाधव ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राष्ट्रीय निकास परीक्षा पर गठित समिति की यह सिफारिशों को सरकार ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि समिति की मुख्य सिफारिश के तहत राष्ट्रीय निकास परीक्षा के प्रावधान विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक सत्र 2021-22 और उसके बाद से लागू किया जाना चाहिए जिससे छात्रों की प्रमुख चिंता और शिकायत दूर हो जाएगी। इसके अलावा समिति ने यह भी सिफारिश की है कि दोनों आयोग नकारात्मक मूल्यांकन (निगेटिव मार्किंग) के प्रावधान पर फिर से विचार करेंगे और साथ ही साथ अंडरग्रैजुएट विद्यार्थियों को उनके अंतिम वर्ष में तथा इंटर्नशिप करने की अवधि के दौरान भी नेक्स्ट की परीक्षा को दे सकेंगे जिससे उन्हें इसे उत्तीर्ण करने के लिए पर्याप्त अवसर मिल सकें।
राष्ट्रीय निकास परीक्षा का प्रावधान शैक्षिक वर्ष 2021-23 से लागू होगा

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